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Home    Crimes Against Infants in India – Latest News & Child Protection

Latest News

09 Jun 2018

एक अबोध बच्ची बस के शेड में कैसे पहुंची…

      
वह करीब छह माह की बच्ची थी और बैंच पर लेटी थी। उसके पास ही एक पॉलीथिन में उस के 3-4 कपड़े थे। बस यही उसकी कुल संपत्ति थी, जिसके साथ उसे बस के शेड में छोड़ दिया गया था। घटना शनिवार को पटना के गांधी मैदान के गेट नंबर 07 के नजदीक के बस शेड में घटी। एक सीनियर पत्रकार की सूचना पर टीम पा-लो ना ने गांधी मैदान थाना क्षेत्र के इंस्पेक्टर श्री दीपक कुमार से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी ली। श्री दीपक ही वह पुलिस ऑफिसर हैं, जिनके पास इस बच्ची की सूचना सबसे... Continue Reading..
06 Jun 2018

बच्ची को छोड़ने की बजाय गर सौंप दिया होता तो पुलिस आज तुम्हें नहीं ढूंढती…

      
उस मकान की सबसे निचली सीढ़ी पर कपड़ों की एक गठरी रखी हुई थी। सुबह कूड़े वाला अपना रेहड़ा लेकर आया और उस गठरी को अपने रेहड़े में डालकर जा ही रहा था कि चौंक गया। गठरी हिल रही थी और उसमें से आवाजें आ रही थीं। घटना मुजफ्फरनगर के कोतवाली क्षेत्र के खालापार मोहल्ले की गुल्लर वाली गली में बुधवार को घटी। पत्रकार श्री अरविंद प्रताप सिंह की सूचना पर जब टीम पा-लो ना ने मुजफ्फरनगर के सीनियर जर्नलिस्ट श्री उज्जवल से संपर्क किया तो उन्होंने पूरा वाकया सुनाया, जो इस प्रकार है- बुधवार सुबह सवेरे शहर कोतवाली क्षेत्र... Continue Reading..
04 Jun 2018

वो छूट गई थी या किसी ने उसे छोड़ दिया था…

      
नन्ही सी जान, उस पर बुखार, न कोई छत, न कोई मकान और ऐसे ही आसमान के नीचे उसे छोड़ दिया गया था। लेकिन उसे जीना था, इसलिए उसके कुनमुनाने, रोने की आवाज पुलिस की गश्ती टीम को मिली और उसे बचा लिया गया। घटना गढ़मुक्तेश्वर के बृजघाट के सामने सोमवार तड़के देखने को मिली। पत्रकार श्री शेषमणि शुक्ल की सूचना पर जब पा-लो ना ने स्थानीय पत्रकार श्री ललित कुमार से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि रात करीब ढ़ाई-तीन बजे का वक्त रहा होगा, जब पुलिस की गश्ती टीम को एक बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी।... Continue Reading..
03 Jun 2018

बाड़मेर के इस इलाके में बच्चा गोद में नहीं, कुत्ते के मुंह में था…

      
काले रंग के एक बड़े से पॉलीथिन को एक कुत्ता मुंह में दबाए चला जा रहा था कि राहगीरों की नजर उस कुत्ते, कुत्ते के मुंह में पकड़े हुए पॉलीथिन और उसमें बंद बच्चे पर पड़ी। यह एक नवजात लड़के का शव था। लोगों ने कुत्ते को भगाया और पुलिस को सूचित किया। घटना बाड़मेर स्थित बालोतरा में रेलवे फाटक संख्या 01 के पास रविवार शाम को घटी। पत्रकार श्री ब्रजेश की सूचना पर टीम पा-लो ना ने बाड़मेर के पत्रकार श्री सवाई सैन ने संपर्क किया तो उन्होंने घटना की पूरी जानकारी दी। श्री सैन ने बताया कि बालोतरा... Continue Reading..
02 Jun 2018

नवजात शिशु को झाड़ियों में फेकने वाले हाथ किसके थे…

      
वह बच्चा झाड़ियों में पड़ा था और लगातार रो रहा था, जब शौच करने जा रही कुछ महिलाओ ने उसके रोने की आवाज सुनी और उसके पास पहुंची। घटना शनिवार को जमुई के सोनो प्रखंड स्थित केशोफरका गांव में नउवा बगीचे के पास घटी। पत्रकार श्री प्रशांत किशोर और श्री अंजुम आलम ने पा-लो ना को बताया कि एक नवजात शिशु सड़क किनारे झाड़ियों में बिलख रहा था। पशु-पक्षियों के अलावा कीट पतंगे भी उसे नुकसान पहुंचा सकते थे। लेकिन ऊपर वाले ने बच्चे की तकदीर में शायद कुछ और ही लिखा था। इसीलिए अहले सुबह शौच के जा रही... Continue Reading..
02 Jun 2018

उनकी तत्परता ने बचा लिया इस मासूम को जिंदा दफ्न होने से…

      
वह महज चंद घंटों की थी। दुनिया की रवायत और कायदे कानून से वाकिफ नहीं थी। उसकी नन्हीं आंखें अभी ठीक से खुल भी नहीं पाई थी कि दुनिया का वहशी चेहरा सामने आ गया। और इसे सामने लाने वाला कोई और नहीं उसका अपना पिता था, जो उसे जिंदा दफनाने चला था क्योंकि वह उसकी तीसरी बेटी थी। घटना खीरी के खमरिया चौकी क्षेत्र के शेखनापुर गांव में शनिवार को घटित हुई। पा-लो ना टीम को जानकारी मिली थी कि शेखनापुर गांव की रेणु देवी नामक महिला ने खमरिया सीएचसी में शुक्रवार 01 जून को तीसरी बेटी को जन्म... Continue Reading..
01 Jun 2018

वह एक पुलिसकर्मी थीं, लेकिन काम मां जैसा किया…

      
ममता अगर दिल में हो तो माँ के सीने से दूध छलक ही पड़ता है, फिर चाहे वह कोई पुलिस ऑफिसर ही क्यों न हो। और यही दूध अगर किसी परित्यक्त बच्चे के गले में उतर जाए तो अमृत बन जाता है। ये घटना बंगलौर के डोड्डाथागुरू इलाके में शुक्रवार को घटी। सीनियर जर्नलिस्ट श्री नेहाल ने पुलिस के हवाले से पूरी घटना का ब्यौरा पा-लो ना को दिया, जो इस प्रकार है- महज कुछ घंटों की ज़िंदगी रही होगी कि उसे माँ के दूध से वंचित कर साउथ बंगलौर की अधूरी बिल्डिंग में मरने के लिए फेंक दिया गया।... Continue Reading..
01 Jun 2018

यदि वह अपने जीवन के लिए स्ट्रगल नहीं कर पाती तो…

      
वह मात्र 2 घंटे की थी। बस अभी आंखें खोली ही थी कि एक मंदिर में छोड़ दिया गया। यह मंदिर खेतों में बना हुआ था और दोपहर को बंद हो जाता था। छोड़ा पूरी हिफाजत से ही था, लेकिन मौसम की गर्मी उसकी जान लेने को आतुर थी। उसे जॉन्डिस भी था। ये घटना पलवल के जनौली रोड स्थित एक खेत में दोपहर चार-साढ़े चार बजे के आस-पास घटी। पलवल बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती अल्पना मित्तल ने पा-लो ना को बताया कि जनौली रोड के एक खेत में स्थित मंदिर में पूजा करके स्थानीय लोग 12 बजे... Continue Reading..
28 May 2018

चार-चार मांओं की गोद मिली, मगर साथ एक भी नहीं रही..

      
ये कमजोर, बीमार सी लगने वाली बच्ची कैसा नसीब लिखवा कर लाई है कि जन्म के कुछ ही दिनों के भीतर चार-चार मांओं की गोद नसीब होने के बावजूद आज वह पांचवीं मां का इंतजार करने को विवश है। फिलहाल कमजोर हालत और कम वजन की वजह से वह शहर के सदर अस्पताल में इलाजरत है। लेकिन जिन हालातों से गुजरकर वह यहां तक पहुंची है, वे अविश्वसनीय से लगते हैं। यह घटना दरभंगा के लहेरियासराय, सैदनगर मुहल्ला के साथ-साथ एकमी पुल के नजदीक स्थित बस्ती के आस-पास सोमवार को घटी। दरभंगा के चाईल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर श्री दिनेश कुमार ने... Continue Reading..
28 May 2018

क्या वह कुत्तों का निवाला बनने के लिए जन्मी थी…

      
ये भी एक नवजात बच्ची थी, जिसका शरीर पानी से फूल कर पोखर के किनारे लग गया था और कुत्ते उसे अपना आहार बनाने के तैयार थे। घटना दरभंगा के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के एमएलएसएम कालेज के सामने स्थित हराही पोखर में सोमवार को घटी। स्थानीय पत्रकार श्री गिरीश कुमार और भाजपा नेता श्री बालेंदु झा ने पा-लो ना को बताया कि एक नवजात बच्ची को जन्म के बाद पोखर में फेक दिया था। जब शव फूल कर पोखर के किनारे लगा तो आवारा कुत्ते उस बच्ची को नोंच कर खाने का प्रयास करने लगे। उसी वक्त एक राहगीर की... Continue Reading..
27 May 2018

बिलखती चीखों को अनसुना करते रहे…

      
वह लगातार रो रही थी, इस उम्मीद में कि कोई उसकी मदद के लिए जरूर आएगा। लगातार चीखने की वजह से उसकी आवाज मद्धम पड़ गई थी। इंसान का चोला औढ़े राहगीर उसकी आवाज सुनते तो रहे, लेकिन पल भर रुक कर माजरा समझने की जहमत किसी ने नहीं उठाई, और जब तक किसी ने ऐसा प्रयास किया, वह खामोश हो चुकी थी, हमेशा के लिए। जिंदगी और मौत की जंग में मौत जीत गई, जिंदगी हार गई। घटना मधेपुरा और पूर्णिंया जिले की सीमा रेखा पर मुरलीगंज भारतीय दूरसंचार निगम के ऑफिस के बगल में एन एच 107 के... Continue Reading..
24 May 2018

अब भी वक्त है, लौट कर गले लगा लो अपनी लाडली को…

      
वह बच्ची चादर में लिपटी थी और ट्रेन की बोगी के दरवाजे के समीप वाली बर्थ पर ही लेटी हुई थी। कपड़ों की गठरी सी प्रतीत हो रही उस बच्ची पर यात्रियों का ध्यान तब गया, जब उसने रोना शुरू किया। घटना डालटनगंज से गढ़वारोड स्टेशन के बीच कजरी स्टेशन पर गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे घटी। डालटनगंज से पत्रकार श्री नीरज कुमार एवं आकाशवाणी की उद्घोषिका श्रीमती अनुपमा तिवारी जी ने पा-लो ना को घटना की जानकारी दी, जिसकी पुष्टि रेलवे कर्मचारी श्री अरविंद सिन्हा एवं श्री पंकज किशोर ने भी की। घटना की जानकारी देते हुए प्रत्यक्षदर्शी... Continue Reading..

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