Call us : +91 9798 4543 21
Send email : info@paalonaa.in
Editor's Corner
PaaLoNaa
  • Home
  • About Us
  • All Events
  • Media
    • Editor’s Corner
    • Crimes Against Infants in India – Latest News & Child Protection
    • Media coverage
    • Related Stories
  • Gallery
    • Video Gallery (YouTube)
    • Photo Album
    • Art Gallery
    • Artists
  • Portfolio
  • Supports
  • Contact
  • Home
  • About Us
  • All Events
  • Media
    • Editor’s Corner
    • Crimes Against Infants in India – Latest News & Child Protection
    • Media coverage
    • Related Stories
  • Gallery
    • Video Gallery (YouTube)
    • Photo Album
    • Art Gallery
    • Artists
  • Portfolio
  • Supports
  • Contact
Home    Crimes Against Infants in India – Latest News & Child Protection

Latest News

21 Jun 2018

मजो यह ना जागती, तो वह सो जाती मौत की नींद…

      
क्या ऐसा संभव है कि किसी की नींद अन्य के लिए मौत का पैगाम साबित हो। क्या ये भी संभव है कि किसी की जिंदगी अन्य के जागने पर टिकी हो। संभव और असंभव के मध्य में एक घटना बंगलौर में उस गुरुवार घटी, जिसने इन प्रश्नों को जन्म दिया। ये वही घटना थी, जिसमें दरवाजे पर पड़ी महज दो घंटे की ज़िंदगी सुधा के जागने पर ही टिकी थी। सीनियर जर्नलिस्ट श्री नेहाल अहमद ने पा-लो ना को बताया कि सुधा वसन बंगलुरु के रमैय्या में रहती हैं। सुबह चार बजे जब किसी के रोने की आवाज़ सुनाई दी... Continue Reading..
19 Jun 2018

मां से बड़ा दोषी कहीं कोई और तो नहीं…

      
उस बच्ची को ट्रेन की एक सीट पर छोड़ दिया गया। छोड़ने वाली मां थी। सहयात्री ही नहीं, वरन पैंट्री कार मैनेजर भी इसके गवाह थे। बच्ची करीब पांच माह की है। घटना मंगलवार को हरिद्वार-पुरी उत्कल एक्सप्रेस 18477 में जमशेदपुर और चक्रधरपुर के बीच घटी। पत्रकार श्री उपेंद्र कुमार की सूचना पर पा-लो ना ने सीनियर डीएससी श्री इब्राहिम शरीफ से संपर्क किया तो पूरा वाकया पता चला। इसके अनुसार, एक महिला अपनी पांच माह की बच्ची को उत्कल एक्सप्रेस की एस 06 बोगी की 07 नंबर सीट पर छोड़कर जमशेदपुर में उतर गई। लेकिन वहां उतरने से पहले... Continue Reading..
19 Jun 2018

वे तो घर पहुंच गए, पर बच्ची को ट्रेन में ही छोड़ गए…

      
तीन-चार माह की उस बच्ची को एक ट्रेन में छोड़ दिया गया था। रात का वक्त था और ट्रेन लगभग खाली हो चुकी थी। तभी वहां से गुजरते एक शख्स ने बच्ची की करुण पुकार सुन ली और फिर उसे बचा लिया गया। घटना पटना-आरा पैसेंजर ट्रेन में मंगलवार की रात आठ बजे के आस-पास कुल्हड़िया स्टेशन पर घटी। वकील और चाईल्ड एक्टिविस्ट सुश्री मिनी प्रसाद की सूचना पर जब टीम पा-लो ना ने सीपीओ पटना श्री लवलेश कुमार से संपर्क किया तो उन्होंने घटना की पुष्टि कर दी। इसके अनुसार -पटना-आरा पैसेंजर ट्रेन पटना जंक्शन से चलकर आरा जंक्शन... Continue Reading..
18 Jun 2018

मुहल्ले की नाली में किसने फेंका था उस शिशु को…

      
वह औंधे मुंह नाली में पड़ा था, रैपर्स, झाड़-झंखाड़ के बीच उसी काली-कीचट गंदगी का हिस्सा बना।। शरीर पर कोई कपड़ा नहीं। मक्खियां भिनभिना रहीं थी। घटना लखीसराय जिले के कबैया थाना क्षेत्र के गैस गोदाम के समीप सोमवार की सुबह घटी। पत्रकार श्री विश्वनाथ ने पा-लो ना को घटना की जानकारी देते हुए बताया कि कबैया रोड के एक मुहल्ले की नाली में सुबह-सुबह एक नवजात शिशु का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सुबह कचरा फेंकने के लिए लोग गए तो देखा कि एक मृत शिशु, जो करीब दो-तीन माह का नजर आ रहा था, वहां नाली में... Continue Reading..
16 Jun 2018

रात का समय, पीपल का पेड़ और एक मासूम…

      
तीन दिन की एक बच्ची को एक पार्क में पीपल के पेड़ के नीचे छोड़ दिया गया। गनीमत ये रही कि छोड़ने से पहले उसे कपड़े में लपेट दिया गया था और छोड़ने के कुछ देर बाद ही वह लोगों की नजर में आ गई, इसलिए बचा ली गई। घटना बेगूसराय के बलिया प्रखंड परिसर स्थित अंबेडकर पार्क में शनिवार की रात्रि नौ बजे के आसपास घटी। बिहार के एक बाल हित कार्यकर्ता ने नाम न देने की शर्त पर पा-लो ना को बताया कि छोटी बलिया ऊपर टोला निवासी शंकर शाह के बेटे नीतीश कुमार प्रखंड कार्यालय परिसर में... Continue Reading..
13 Jun 2018

और सबने मिलकर बचा लिया इस मासूम को…

      
उसे नंगे बदन स़ड़क पर छोड़ दिया गया था। फिर भी बचा लिया गया, क्योंकि ये सुबह-सुबह का वक्त था, जानवरों से पहले लोगों की नजर बच्चे पर पड़ गई और फिर उसे तुरंत एक्शन लेते हुए अस्पताल पहुंचा दिया गया। घटना चतरा के लावालौंग थाना क्षेत्र के मंधनिया पंचायत स्थित बेलाटांड़ एवं सिकनी गांव की सीमा पर बुधवार को घटी। लावालौंग के पत्रकार श्री अमित ने पा-लो ना को सुबह घटना की जानकारी दी कि लावालौंग में एक नवजात बच्चा झाड़ियों में फेंका हुआ मिला है, जिसे ग्रामीण अपने गांव ले गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से घटना की सूचना... Continue Reading..
13 Jun 2018

कहां ले जाती साथ, क्या इसीलिए छोड़ दिया हाथ…

      
उसने ये फैसला अनजाने में किया था या जानबूझकर, कहना मुश्किल है, लेकिन अपने 14 दिन के नवजात शिशु को छोड़कर वह कब अस्पताल से निकल गई, किसी को पता भी नहीं चला। कौन थी, कहां की रहने वाली थी, परिवार कहां है, किसी को कुछ नहीं मालूम। घटना मुरादाबाद के महिला अस्पताल में बुधवार को घटी। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री गुलजार ने पा-लो ना को बताया कि बुधवार सुबह मुरादाबाद के जिला अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज अपने 14 दिन के शिशु को छोड़कर कहीं चली गई है। इस सूचना की पुष्टि मुरादाबाद के सीनियर जर्नलिस्ट... Continue Reading..
12 Jun 2018

तुम बता नहीं सके और वे समझ नहीं सके…

      
भरी दोपहरी कड़ी धूप में शीशम के एक पेड़ के नीचे थैले में बंद था वह। एक राहगीर की नजर पड़ी, पर उसने उठाया नहीं, गांव में जाकर एक महिला को बताया। महिला आई और बच्चे को अपने साथ ले गई। चारों तरफ चर्चा फैली, बच्चे को पहले स्थानीय अस्पताल और फिर राजधानी के बड़े अस्पताल भी ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और वो समय बीत चुका था, जिसमें उसे बचाया जा सकता था। नतीजा, एक और मासूम अपनी जान से हाथ धो बैठा। घटना रांची के सिल्ली-राहे सीमा क्षेत्र में स्थित बंसिया पंचायत... Continue Reading..
10 Jun 2018

तसल्ली एक नन्हा जीवन बचाने की…

      
उस अस्पताल के लिए वह सुबह कुछ अलग थी। 9 बजे के करीब बजे उस अलार्म ने सबको चौंकन्ना कर दिया था। सब तेजी से प्रवेश द्वार की तरफ भाग रहे थे। और जैसे ही वहां पहुंचे, सबके चेहरे पर एक तसल्ली के भाव थे। तसल्ली एक नन्हे जीवन को बचा लेने की। वहां रखे पालने में एक नवजात शिशु मौजूद था। घटना बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल परिसर में रविवार सुबह की है। पत्रकार श्री महावीर सिंह चौहान ने पा-लो ना को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बांसवाड़ा में शिशु परित्याग की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय एमजी... Continue Reading..
09 Jun 2018

शुक्र है कि तुम सुरक्षित हो बेटू…

      
वह एक कपड़े में लिपटी झाड़ियों में पड़ी रो रही थी, जब कुछ सफाई कर्मचारियों और लॉ कॉलेज के विद्यार्थियों की नजर उस पर पड़ी। पता नहीं, कब से वहां पड़ी थी वह। उसे उठाकर तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। घटना रांची के मोरहाबादी के पास शनिवार की सुबह घटी। पत्रकार श्री कमल से घटना की सूचना मिलने के बाद पा-लो ना को लॉ स्टूडेंट शशांक ने फोन करके घटना के बारे में बताया और बच्ची को बचाने वाले लॉ स्टूडेंट गौरव पोद्दार से बात भी करवाई। गौरव ने बताया कि वह छोटानागपुर लॉ कॉलेज में एलएलबी सेकेंड ईयर... Continue Reading..
09 Jun 2018

हम शर्मिंदा हैं बिटिया…

 Bihar     
आवारा जानवरों ने खा लिए बिटिया के शरीर के कई हिस्से 09 जून 2018 छपरा/तरैया, बिहार। वह बिटिया एक मकान की जमीन पर चित्त पड़ी थी। मकान निर्माणाधीन था। जो उसे देखता, उसके रौंगटे खड़े हो जाते। शरीर कितनी ही जगहों से नौंचा हुआ था। ये वीभत्स घटना छपरा के तरैया बाजार स्थित देवरिया हाई स्कूल रोड में खदरा नदी के किनारे एक नवनिर्माणाधीन मकान के समीप शनिवार को घटी। पत्रकार श्री धर्मेंद्र रस्तोगी ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से पा-लो ना को बताया कि एक नवजात बच्ची को किसी ने रात में उस मकान में फेंक दिया था। आवारा जानवरों... Continue Reading..
09 Jun 2018

मनमोहनी नहीं मोह सकी मां को…

      
वह एक प्यारी बच्ची है, लेकिन उसकी मोहनी सूरत उसकी जन्मदात्री मां को नहीं मोह सकी। इसलिए उसकी मां उसे जन्म देने के बाद अस्पताल में ही छोड़कर चली गई। घटना मधुबनी के मधेपुर पीएचसी सह रेफरल अस्पताल में शनिवार को घटी। पत्रकार श्री धर्मेंद्र रस्तोगी द्वारा घटना की सूचना मिलने के बाद टीम पा-लो ना ने मधुबनी के पत्रकार श्री गौरव से संपर्क किया और घटना की डिटेल्स लीं। उनके मुताबिक, 22 वर्षीय एक युवती ने 09 जून को मधेपुर पीएचसी सह रेफरल अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया और फिर वहां से गायब हो गई। बच्ची दो-तीन... Continue Reading..

  •  Prev
  • 1
  • …
  • 20
  • 21
  • 22
  • 23
  • 24
  • …
  • 36
  • Next 

Important links

  • Video Gallery (YouTube)
  • Art Gallery
  • Victims of Infanticide
  • Supports

About Us

PaaLoNaa is a cause dedicated to those infants who have been shunned by their own parents. These infants are adandoned in deserted public places like railway lines, ponds, bushes, forests, barren lands for some or the other reasons, compulsions, fears or greed.

Explore PaaLoNaa

  • About Us
  • Photo Gallery
  • Video Gallery (YouTube)
  • Art Gallery
  • Artists
  • CARA
  • CARINGS
  • NCPCR
  • Childline India Foundation
  • PaaLoNaa In Media
  • Media On Infanticide
  • Related Stories
  • The Support

Important Links

State-wise data of Infant spottings
Our Members
The Victims
The Terms & Conditions
© 2023 PaaLoNaa: An initiative of Ashrayani Media Associates & Refined Look Magazine, Supported by Ashrayani Foundation against INFANTICIDE & ABANDONMENT of INFANTS. All rights reserved | Powered by Paalonaa