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Home    Crimes Against Infants in India – Latest News & Child Protection

Latest News

22 Jul 2018

पानी में हलचल थी, लेकिन वह एकदम शांत…

      
वह शायद पानी में बहते-बहते किनारे लग गई थी। नदी किनारे गीली मिट्टी में अटक गई थी। आस-पास टूटी-फूटी बोतलें, कीचड़ और कचरा और उन्हीं के साथ मिट्टी से सनी वो नवजात बच्ची। सभी सामान की तरह वह भी निष्प्राण। दिल को झकझोर देने वाली यह घटना बाड़मेर के सिणधरी कस्बे से गुजरने वाली लूणी नदी किनारे रविवार सुबह घटी। पत्रकार श्री सवाई सेन ने पा-लो ना को बताया कि सिणधरी कस्बे से लूणी नदी गुजरती है। इसी की पुलिया पर से गुजरते हुए कुछ राहगीरों की नजर उस मासूम के शव पर पड़ी और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।... Continue Reading..
19 Jul 2018

पिता की बर्बरता ने हर लिए उसके प्राण…

      
एक महीने की नन्ही सी बच्ची का उसके पिता ने न केवल गला घोंट दिया, बल्कि उसे खाट पर भी पटक दिया। एक बच्ची, जो कुछ ही दिन पहले जन्मी हो, शरीर की चोटों को तो सह भी लेती, लेकिन पिता के इस बर्बर रूप से मन पर लगी चोट को कैसे भुला पाती। इसलिए उसने जीने के लिए कोई जद्दोजहद ही नहीं की। घटना देवघर के सिंघवा गांव में गुरुवार रात्रि घटी। पत्रकार श्री रजनीश गुप्ता ने पा-लो ना को बताया कि देवघर नगर थाना क्षेत्र के सिंघवा गांव में 35 दिनों की नवजात बच्ची को उसके पिता ने... Continue Reading..
17 Jul 2018

शायद वे मजबूर थे…

      
डेढ़ माह की उस बच्ची को एक पालने में छोड़ दिया गया था। इसी वजह से बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना बाड़मेर के जिला अस्पताल में मंगलवार की शाम घटित हुई। पत्रकार श्री सवाई सेन ने पा-लो ना को बताया कि मंगलवार शाम छह-साढ़े छह बजे जिला अस्पताल स्थित पालने की घंटी बजी तो सभी नर्सिंगकर्मी दौड़ते हुए पालने के पास पहुंचे। वहां जाकर देखा तो करीब डेढ़ माह की बच्ची को कोई पालने में छोड़ गया था। बच्ची इतनी कमजोर थी कि रो भी नहीं पा रही थी। उसे तुरंत मेडिकल केयर उपलब्ध करवाई गई। टीम पा-लो... Continue Reading..
15 Jul 2018

वह कचरा नहीं थी, जिसे तुमने फेंक दिया…

      
चार-साढ़े चार घंटे की इस बच्ची को शायद जन्मते ही कचरे में फेंक दिया गया था। वजन भी तय मानक से बहुत कम था। चींटियों ने काटना शुरू किया तो बच्ची रो उठी और इस तरह उसकी वहां मौजूदगी का पता चला। घटना ग्वालियर के हजीरा स्थित पीताम्बरा कॉलोनी के झलकारी बाई गर्ल्स कॉलेज के बाहर रविवार सुबह घटी। पत्रकार श्री कौशल मुद्गल ने पा-लो ना को बताया कि सुबह करीब दस-साढ़े दस बजे एक बच्ची के कचरे के ढेर में पड़ा होने की सूचना मिली। बच्ची को जन्म के कुछ देर बाद ही वहां छोड़ दिया गया था। चीटिंयों... Continue Reading..
15 Jul 2018

चमोली को मंजूर नहीं प्रिंसेज का कूड़े के ढेर पर जानवरों से नोंचे हुए मिलना…

      
उसे एक खंडहर के बाहर कूड़े के ढेर पर फेंका गया था। निर्जीव हालत में मिली थी वह। शरीर पर खरोंचों के निशान थे और उसका कुछ हिस्सा जानवरों ने खा भी लिया था। घटना चमोली जिले के नगर गोपेश्वर के बसंत बिहार इलाके में रविवार सुबह घटी। उत्तराखंड भाजपा के साईबर सेल में कार्यरत श्री शेखर वर्मा ने पा-लो ना को घटना की सूचना दी और बताया कि एक नवजात बच्ची का शव चमोली के गोपेश्वर नगर में मिला है। उनकी सूचना पर टीम ने चमोली की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की जिला संयोजिका चंद्रकला तिवारी जी से संपर्क किया,... Continue Reading..
13 Jul 2018

एक बार तो सीने से लगाया होता उसे…

      
उसे झाड़ियों में फेंक दिया गया था, जन्म के तुरंत बाद, प्लेसेंटा के साथ ही। उस पर मक्खियां भिनभिना रहीं थीं। फिर पुलिस आई, उसे उठाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना शुक्रवार सुबह जलडेगा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के ठीक पीछे घटी। सिमडेगा के पत्रकार विकास साहु और श्रीराम पुरी ने पा-लो ना को बताया कि जलडेगा में एक नवजात ल़ड़के का शव मिला है। यह कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की पीछे की दीवार के पास मौजूद झाड़ियों में फेंका गया था। उसके साथ ही प्लेसेंटा भी जुड़ा हुआ था। सफाई के दौरान सुबह करीब दस-ग्यारह बजे के आस-पास... Continue Reading..
11 Jul 2018

उसके गले में बंधा था काला रिबन…

      
उसे जन्म लिए दो माह भी नहीं बीते थे कि उसकी सांसे रोक दी गईं। उसे लाकर नदी किनारे पटक दिया गया। वह गुहार भी नहीं लगा सकती थी बचाने की। बेजान उस नवजात के गले में काले रंग का एक रिबन जैसा कुछ बंधा हुआ था, जो उसकी हत्या की गवाही दे रहा था। ऐसा किसने किया, ये एक अहम सवाल है- क्या उसके जन्मदाताओं ने, उसके अपरहरणकर्ताओं ने या ये कोई और था। घटना बुधवार सुबह रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के श्मशान घाट के पास घटी। पत्रकार कैली किसलय से मिली सूचना पर टीम पा-लो ना ने... Continue Reading..
08 Jul 2018

उन्होंने बच्ची को सौंप दिया, लेकिन वे डरे हुए थे…

      
यह बच्ची करीब आठ माह की थी और इसे सरेंडर किया गया था। लेकिन सरेंडर करने वाले उसके अपने माता-पिता नहीं थे और डरे हुए थे। ये घटना मुरादाबाद और रुड़की की सीमाओं में घटी। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री गुलजार अहमद ने पा-लो ना को बताया कि एक दंपति करीब आठ माह की एक बच्ची को लेकर रविवार रात को मझोला थाने पहुंचे। यह दंपति मैनाठेर मिलक निवासी रोहित वर्मा और साईदा थे। पुलिस को उन्होंने बताया कि वह बच्ची उन्हें रुड़की के प्राण कलियर दरगाह पर मिली थी। उन्होंने बच्ची के परिजनों को काफी ढूंढा, लेकिन वे... Continue Reading..
05 Jul 2018

वह एक छोटी सी बच्ची थी, कोई गेंद नहीं…

      
न जाने वह महिला उस बच्ची की कौन थी, जिसने बाईक पर बैठे-बैठे एक छोटी सी बच्ची को झाड़ियों की तरफ उछाल दिया। एक कपड़े में लिपटी वो अबोध जब जमीन से टकराई तो बस इतनी गनीमत रही कि उसकी जान नहीं गई। घटना सदर थाना क्षेत्र के सुकुमारपुर के पास गुरुवार को घटी। जमुई के पत्रकार श्री राजेश की सूचना पर पा-लो ना ने सुपौल के पत्रकार श्री नवीन से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि किशनपुर रोड में आईडीबीआई बैंक के आगे गुरुवार को खेत में कुछ लोग काम कर रहे थे। तभी उन्होंने देखा कि एक बाईक... Continue Reading..
02 Jul 2018

क्या वह जन्म से ही उन झाड़ियों में पड़ी थी…

      
वह मात्र दो दिन की है और झाड़ियों में पाई गई है। वह दो दिन से ही उस झाड़ी में पड़ी थी और किसी की नजर उस पर नहीं गई या फिर सोमवार को ही उसे झाड़ियों में फेंका गया था, यह जांच का विषय हो सकता है। उसका सच फिलहाल इतना है कि उसकी हालत ठीक नहीं है। ये घटना कोटा के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में थर्मल कॉलोनी के पास घटी। पत्रकार श्री हंसपाल यादव ने पा-लो ना को बताया कि कोटा शहर में एक बार फिर इंसानियत शर्मसार हुई है। सोमवार को एक नवजात बच्ची थर्मल कॉलोनी के... Continue Reading..
02 Jul 2018

हर जगह चाहिए ऐसी ही एक गोद…

      
वहां जो पालना न होता तो शायद फिर एक नवजात सड़क पर पड़ी मिलती। फिर क्या होता, इसका महज अंदाजा ही लगाया जा सकता है। लेकिन हम जिस घटना का जिक्र कर रहे हैं, उसमें अंदाज़ा लगाने की ज़रूरत ही नहीं, क्योंकि ये एक हकीकत है, जो बांसवाड़ा के बाल अधिकारिता विभाग कार्यालय में सोमवार रात्रि 11 बजे घटी। पत्रकार रवि राठौड़ ने पा-लो ना को घटना की जानकारी दी। इसके मुताबिक, बांसवाड़ा के बाल अधिकारिता विभाग में लगे पालने में रात 11 बजकर 10 मिनट पर साईरन बज उठा, जिसका मतलब ही था किसी नन्हे मेहमान का आगमन। थोड़ी... Continue Reading..
01 Jul 2018

खेत में जन्मा, खेत में ही छोड़ दिया…

      
वह खेत में मिला। संभवतः जन्म ही वहां हुआ था उसका। चींटियां उसके शरीर के चारों तरफ लिपटी हुईं थीं। उसके शरीर पर जन्मतः लगे खून ने जैसे आमंत्रण दे दिया था उन्हें। लेकिन इससे पहले कि वे कुछ नुकसान पहुंचा पाती, लोगों की निगाह शिशु पर पड़ गई और उसे बचा लिया गया। ये घटना सारण के दिधवारा थाना क्षेत्र के त्रिलोकचक देवी स्थान के पीछे रविवार सुबह घटी। स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी की सुश्री श्वेता द्वारा सूचना मिलने के बाद टीम पा-लो ना ने सीपीओ सारण श्री सुधीर से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि बच्चे का जन्म उसी... Continue Reading..

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