01 Jun 2019
चींटियों से तो बचा लिया, उनके जहर से भी बचाने की जरूरत है उस बिटिया को (गढ़वा में झाड़ियों में मिली थी नवजात बच्ची)
क्या हुआ - करीब 3-4 दिन की एक बच्ची आरोग्यम हॉस्पिटल से बघमनवा जाने वाले रास्ते पर झाड़ियों में मिली। प्रत्यक्षदर्शी श्री रवि साहू मॉर्निंग वॉक से लौट रहे थे कि रास्ते में उनकी पड़ोसन सुनीता देवी ने उनका ध्यान हल्की हल्की आवाजों की तरफ दिलवाया, जो करीब से ही आ रहीं थीं। आवाज की दिशा में बढ़ने पर उन्हें नवजात बच्ची झाड़ियों में मिली। रवि के अनुसार, वह पेट के बल पड़ी थी और उसके पूरे शरीर पर एक से डेढ़ हजार चींटियां चिपटी हुई थी। वे दोनों तुरंत उस बच्ची को चींटियां हटा कर अपने घर ले आए।... Continue Reading..
