Call us : +91 9798 4543 21
Send email : info@paalonaa.in
Editor's Corner
PaaLoNaa
  • Home
  • About Us
  • All Events
  • Media
    • Editor’s Corner
    • Crimes Against Infants in India – Latest News & Child Protection
    • Media coverage
    • Related Stories
  • Gallery
    • Video Gallery (YouTube)
    • Photo Album
    • Art Gallery
    • Artists
  • Portfolio
  • Supports
  • Contact
  • Home
  • About Us
  • All Events
  • Media
    • Editor’s Corner
    • Crimes Against Infants in India – Latest News & Child Protection
    • Media coverage
    • Related Stories
  • Gallery
    • Video Gallery (YouTube)
    • Photo Album
    • Art Gallery
    • Artists
  • Portfolio
  • Supports
  • Contact
Home    Crimes Against Infants in India – Latest News & Child Protection

Latest News

04 Feb 2018

सुनो, क्या तुम अपनी मौत की गवाही देने आओगे…

      
वह मिट्टी में दबा हुआ था। सिर और पैर का कुछ हिस्सा बाहर निकले हुए। उसके पास ही पड़ी थी एक साड़ी और एक झोला, जिससे लोग बिना किसी तफ्तीश के इस नतीजे पर पहुंच गए कि बच्चे को वहां दफनाने वाली उसकी मां होगी। घटना बोकारो के जरीडीह थाना क्षेत्र की है। स्थानीय पत्रकार श्री विप्लव ने बताया कि जरीडीह थाना क्षेत्र के जैनामोड़ फुसरो सड़क के खुटरी पंचायत स्थित मंगलाडीह गांव जाने वाली कच्ची सड़क से कुछ दूरी पर एक खेत में रविवार को एक नवजात शिशु का शव मिला। किसी राहगीर ने देखा कि सिर और पैर... Continue Reading..
03 Feb 2018

बच्चे को मारने की बजाय ये तरीका सही है…

      
इस शिशु को किसने बीती रात को आशा रूम में लाकर रख दिया था, पता नहीं, लेकिन शनिवार सुबह जब वह कमरे में सफाई के लिए पहुंची तो बच्चे को अकेला पाकर भौंचक्की रह गई। घटना मिरजापुर के विकास खंड राजगढ़ के मड़िहान थाना क्षेत्र के राजगढ़ चौकी अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजगढ़ में घटी। स्थानीय पत्रकारों के मुताबिक, राजगढ़ के स्वास्थ्य केंद्र के आशा रूम की सफाई के लिए जोखनी देवी सुबह वहां पहुंची तो उन्हें वहां एक नवजात शिशु मिला। उस बच्चे के आस-पास किसी को भी नहीं पाकर वह उस बच्चे को लेकर चिकित्सा प्रभारी डॉ. डी.के.... Continue Reading..
01 Feb 2018

उसे छोड़ने के लिए उन्होंने स्थान तो सुरक्षित चुना, लेकिन तरीका नहीं…

      
अस्पताल के एक कोने में बोरे में बंद वह लगातार रोए जा रही थी, जब वहां से गुजर रही दो महिलाओं ने उसकी आवाज सुनी। उन्होंने तुरंत बोरे को खोल उस मासूम को बाहर निकाला और उसकी जान बचा ली। घटना जिला अस्पताल दुर्ग परिसर के बुकिंग हाल के पास घटी। दवा वितरण काउंटर के सामने बुकिंग हाल का निर्माण कार्य चल रहा है। गुरुवार करीब ढाई बजे, जब मितानिन ऊषा अपनी दोस्त सविता के साथ उस रास्ते से गुजर रही थी तो उन्हें एक बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में बढ़ने पर उन्हें वह... Continue Reading..
31 Jan 2018

बच्ची नहीं, संवेदना मृत पड़ी थी धनबाद की पटरियों पर…

      
वह बेजान पड़ी थी पटरियों के बीच, ट्रेन से कुचली हुई। ज़िंदा ही कुचल दी गई थी या मृत देह पर ट्रेन के पहिये दौड़े थे, ये कहना मुश्किल है। अंतिम सच इतना ही है कि रिश्तों का, सम्वेदनाओं का, मानवता का जनाजा निकल चुका था। घटना धनबाद जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या तीन के रेलवे ट्रैक पर 31 जनवरी को घटी। स्थानीय पत्रकार श्री राजकुमार के मुताबिक, धनबाद के रेलवे ट्रैक पर पड़े उस नवजात बच्ची के शव को सबसे पहले सफाई कर्मी ने देखा और उसने ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों तथा जीआरपी को इसकी सूचना दी। जल्द... Continue Reading..
24 Jan 2018

गत्ते के डिब्बे में पैक क्या ये कोई गुड़िया थी…

      
वह कोई गुड़िया नहीं थी, फिर भी गत्ते के एक डिब्बे में पैक करके वहां फेंक दी गई थी। कुछ राहगीरों की नजर उस डब्बे पर पड़ी और पुलिस को बुलाया गया। घटना सरायढेला थाना क्षेत्र के सुगियाडीह के रास्ते पर घटी। स्थानीय पत्रकार श्री बिभाष और पुलिस के मुताबिक, सरायढेला से गोविंदपुर जाने वाली रोड के नजदीक एप्रोच रोड पर गत्ते का एक डिब्बा पड़ा था। त़ड़के सुबह कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने उसे खोला। उसमें बच्ची का शव देखकर सब भौंचक्के रह गए। यह खबर धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में फैल गई और पुलिस तक... Continue Reading..
20 Jan 2018

तुम्हारे अस्तित्व से वो कुत्ता कैसे इनकार करेगा, जिसकी तुमने भूख मिटाई थी…

      
उस समाज को आप क्या कहेंगे, जहाँ नवजात शिशुओं को कुत्तों के खाने के लिए फेंक दिया जाता हो। दिल को कंपा देने वाली इस घटना का गवाह इस बार झारखण्ड नहीं, बल्कि झारखण्ड से सटा उड़ीसा बना। शहर मुख्यालय में एक कुत्ते ने नवजात बच्ची को खाकर भूख मिटाई। घटना शनिवार की है। जिला मुख्यालय तारिणी नगर के ढेंकानाल पुलिस क्षेत्र में शनिवार की दोपहर एक नवजात शिशु को कुत्ते नोंच-नोंच कर खा रहे थे। जब तक गांव वालों की नजर उस पर पड़ी, काफी देर हो चुकी थी। हमेशा की तरह इस घटना में भी स्थानीय लोग प्राइवेट... Continue Reading..
16 Jan 2018

जिसे छोड़ दिया था झाड़ी में, वह फिर पहुंचा अपनी मां की की गोद में…

      
सुबह के करीब 11 बजे का समय रहा होगा, जब सोनारी निर्मल नगर की उन झाड़ियों में से एक बच्चे के रोने की आवाज ने कुछ लोगों का ध्यान खींचा। कौतुहलवश उन लोगों ने जब झाड़ियों को खंगाला तो उसमें से कंबल में लिपटा एक मासूम शिशु मिला। देखने से ऐसा लगता था कि किसी ने उसे जानबूझकर इस तरह रखा है कि उसे बचाया जा सके। घटना जमशेदपुर में शुक्रवार 19 जनवरी को घटी। स्थानीय पत्रकार और चाईल्ड एक्टिविस्ट से मिली जानकारी के अनुसार, सोनारी निर्मल नगर की एक लड़की ने मंगलवार को एक शिशु को जन्म दिया। घरवालों... Continue Reading..
15 Jan 2018

लखनऊ की झाड़ियां भी नहीं बचा पाईं उसे कुत्तों से…

      
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक नवजात कन्या का शव मिलने की सूचना मिली है। लखनऊ से पत्रकार सचिन शुक्ला ने बताया कि बीकेटी में अस्ती रोड पर शिवानी पेट्रोल पम्प के पास नवजात कन्या का शव पड़ा मिला है। अगले दिन 16 जनवरी 2018, मंगलवार को नवभारत टाइम्स के पेज नम्बर 9 पर छपी खबर के मुताबिक, बीकेटी के अस्ती रोड पर मानपुरलाला गांव के पास झाड़ियों में एक नवजात बच्ची का शव मिला, जिसे कुत्ते नौंच रहे थे। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।15 जनवरी 2018 लखनऊ, यूपी (F) Continue Reading..
13 Jan 2018

बच्ची सुरक्षित है, क्योंकि उसे पालने में छोड़ा गया था…

      
उन्होंने समझदारी बरती थी। बच्ची को यहां वहां छोड़ने की बजाय एक पालने में छोड़ दिया गया था। ये मध्य रात्रि के बाद का वक्त था। बच्ची स्वस्थ है और सुरक्षित भी। घटना बारां जिला चिकित्सालय में शनिवार तड़के घटी। स्थानीय पत्रकार के मुताबिक, जिला चिकित्सालय में स्थित आश्रय पालना स्थल में रात करीब तीन बजकर 50 मिनट पर कोई व्यक्ति एक नवजात बच्ची को छोड़ गया। वह बच्ची एक सूती कपड़े में लिपटी थैले में रखी हुई थी। पालना स्थल प्रभारी व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएस कुशवाह ने बताया कि बच्ची का जन्म कुछ घंटों पहले ही हुआ... Continue Reading..
08 Jan 2018

अब तुम भी अखरने लगे इनकी नजरों को..

      
वह पानी में तैर रहा था, उस दुनिया से बेजार होकर, जो उसके वहां होने का कारण थी। न जाने किसने उसे मारकर वहां फेंक दिया था। गर्भनाल ही नहीं, बल्कि एक कास्ट्यूम भी उससे लिपटा था, जो संभवतः उसकी मां का रहा होगा। इसी बात से इस अंदेशे को बल मिला कि उसे शायद उसकी मां ने ही वहां फेंका होगा। घटना गिरिडीह के जमुआ प्रखंड के चुंगलो गांव के नवा अहरा में घटी। पत्रकार श्री अमर कुमार के मुताबिक, एक नवजात लड़के को तड़के पांच बजे पानी में देखा गया तो जल्द ही ये सूचना आस-पास फैल गई।... Continue Reading..
08 Jan 2018

इस बच्ची के लिए लगा है गोद लेने वालों का तांता…

      
रात का समय था, जब बहरौला के एक चैरिटेबल हॉस्पिटल के बाहर रखी गई उस बच्ची पर चौकीदार की नजर पड़ी। उसने तुरंत ही हॉस्पिटल और नजदीक मौजूद प्रेमआश्रम के लोगों को बच्ची की सूचना दी। बच्ची को जन्म के करीब एक-दो घंटे के बाद कंबल में लपेटकर वहां रख दिया गया था। बच्ची इतनी प्यारी है कि उसे गोद लेने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है, मगर बच्ची को ऐसे ही किसी को भी गोद नहीं दिया जा सकता। कानून इसकी इजाजत नहीं देता। घटना हरियाणा के पलवल की है। चाईल्ड वेलफेयर कमेटी की सदस्या अल्पना मित्तल... Continue Reading..
07 Jan 2018

लोगों की उस भीड़ में रेशमा ही निकली हिम्मत वाली…

      
जमुई के झाझा प्रखंड के बरसमिया गांव में एक नवजात शिशु मिला है, जिसे फिलहाल रेशमा नामक महिला ने उठा लिया और उसे पाल रही है। मिली जानकारी के अनुसार, एक नवजात शिशु सड़क किनारे झाड़ियों में पड़ा रो रहा था। उसके रोने की आवाज राहगीरों तक पहुंची और कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई, मगर कोई भी उस मासूम को वहां से उठाने का साहस नहीं कर पा रहा था। तभी बच्चे की सूचना पाकर वहां पहुंची बबलू अंसारी की पत्नी रेशमा बेगम ने बच्चे को न केवल झाड़ियों से निकालकर उसके जीवन की... Continue Reading..

  •  Prev
  • 1
  • …
  • 27
  • 28
  • 29
  • 30
  • 31
  • …
  • 36
  • Next 

Important links

  • Video Gallery (YouTube)
  • Art Gallery
  • Victims of Infanticide
  • Supports

About Us

PaaLoNaa is a cause dedicated to those infants who have been shunned by their own parents. These infants are adandoned in deserted public places like railway lines, ponds, bushes, forests, barren lands for some or the other reasons, compulsions, fears or greed.

Explore PaaLoNaa

  • About Us
  • Photo Gallery
  • Video Gallery (YouTube)
  • Art Gallery
  • Artists
  • CARA
  • CARINGS
  • NCPCR
  • Childline India Foundation
  • PaaLoNaa In Media
  • Media On Infanticide
  • Related Stories
  • The Support

Important Links

State-wise data of Infant spottings
Our Members
The Victims
The Terms & Conditions
© 2023 PaaLoNaa: An initiative of Ashrayani Media Associates & Refined Look Magazine, Supported by Ashrayani Foundation against INFANTICIDE & ABANDONMENT of INFANTS. All rights reserved | Powered by Paalonaa