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Home    Crimes Against Infants in India – Latest News & Child Protection

Latest News

18 Dec 2017

रोता नहीं, तो बचता भी नहीं..

      
बांस की कोठी में एक कपड़े में लिपटा वह वहां पड़ा रो रहा था, जब लोगों की निगाह उस पर पड़ी और उसे वहां से उन्होंने उठा लिया। घटना सोमवार तड़के सुबह उचकागांव प्रखंड के मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव बदरजीमी, वार्ड संख्या 16 में घटी। स्थानीय पत्रकार श्री संजय अभय ने बताया कि अहले सुबह बच्चे को कोई वहां रख गया था। ग्रामीण जब शौच के लिए निकले तो बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। लोगों ने वहां जाकर देखा तो एक कपड़े में लिपटा वह ठंड से कांप रहा था। गांव के ही गरजू मांझी की पत्नी... Continue Reading..
16 Dec 2017

चलो दुआ करें, जैसे ठंड को उसने मात दी, वैसे ही मौत को भी दे…

      
वह कचरे के ढेर में पड़ा था। इस बार लड़का था, कपड़े में लपेटा हुआ था। एक पॉलीबेग में बंद। गर्भनाल भी साथ ही जुड़ी थी। मगर इससे पहले कि जानवर उसे सूंघते हुए उस तक पहुंचते, उसका मददगार उस तक पहुंच गया। एक सफाईकर्मी, जिसने उसके रोने की आवाज सुनी। घटना शनिवार सुबह की है। भुवनेश्वर स्थित सैनिक स्कूल के पास कचरे के ढेर पर एक नवजात शिशु को देखकर वह सफाईकर्मी दंग रह गया। पता नहीं, बच्चा कब से वहां था। राहत की बात यही थी कि बच्चा कपड़े में लिपटा था, जिसने उसे ठंड से बचा लिया।... Continue Reading..
14 Dec 2017

अब खेतों में उगने लगी हैं बेटियां…

      
जिले के बड़ाजामदा अंतर्गत दिरीबुरू गांव की झाड़ियों में गुरूवार को एक नवजात बच्ची मिली है। बच्ची स्वस्थ है और फिलहाल चाईबासा के सदर अस्पताल में भरती है। पत्रकार संजय मेहता से मामले की प्राथमिक जानकारी मिलने के बाद चाईबासा के रिपोर्टर उपेंद्र गुप्ता और बड़ाजामदा ओपी के एएसआई सिकंदर साव ने पुष्टि करते हुए बताया कि बच्ची गांव के बाहर एक खेत की झाड़ी में एक बोरे के ऊपर रखी हुई थी। कुछ लोग वहां से गुजर रहे थे, जिन्होंने बच्ची के रोने की आवाज सुनी और बड़ाजामदा के मुखिया राजा तिर्की को इसके बारे में बताया। तुरंत ही... Continue Reading..
13 Dec 2017

ये बच्ची भी…

      
वे कुत्ते उसे आपस मे खींच रहे थे, उस पर कब्जा जमाने, उसे अपना आहार बनाने के लिए आपस में लड़-झगड़ रहे थे, जब कुछ लोगों की निगाह इस दृश्य पर पड़ी। वे शौच के लिए वहां पहुंचे थे। कुत्तों को भगाकर जब वे नजदीक पहुंचे तो देखकर दंग रह गए। घटना 13 दिसंबर बुधवार की सुबह प्रतापगंज से छातापुर जाने वाली मुख्य सड़क पर घटी। ग्रामीणों ने देखा कि गर्ल्स हाई स्कूल के समीप पुल के नीचे धार में कुछ कुत्ते किसी अनजान चीज के लिए आपस में भिड़े हुए हैं और इधर-उधर खींच रहे हैं। शक होने पर... Continue Reading..
12 Dec 2017

खून का झबला और नम धरती का बिछौना, किसने बना दिया था इस बेटी को खिलौना…

      
वह खेत में पड़ी थी, बोरिंग के पास, एक-डेढ़ फिट के गड्ढे में गीली धरती पर, शरीर पर खून के अलावा और कुछ नहीं लिपटा था। जाने कब से रो रही थी। रात 8-9 बजे के आस-पास गांव की कुछ महिलाएं जब शौच के लिए उस तरफ गईं तो उसके रोने की आवाज सुनाई दी। ठंड के मौसम में रात का समय और बच्चे के रोने की आवाज ने उन सबको डरा दिया। कोई भूत तो नहीं, इस डर ने उन्हें वहां से भगा दिया। मौके पर जाकर बच्ची को देखा तक नहीं। फिर 10 बजे के आस-पास रविंद्र यादव... Continue Reading..
10 Dec 2017

वे बूंदे उसके लिए मौत का पैगाम लेकर आईं थी, मगर…

      
रिमझिम-रिमझिम बरस रही वे बूंदे किसी के लिए काव्य का विषय हो सकती हैं, मगर उस नन्ही सी जान के लिए तो आफत लेकर आई थीं, जो नंगे बदन पैदा होने के तुरंत बाद वहां फेंक दी गई थी। दिसंबर की कड़कड़ाती ठंड और उस पर बारिश अच्छों-अच्छों की जान लेने को काफी है, ये तो एक नन्ही सी बच्ची थी। अचानक उसके रोने की आवाज नजदीक ही सो रहे कोयला ढोने वाले के कानों में पड़ी। बारिश में भीगती उस बच्ची को इतनी सुबह-सवेरे निपट अकेले वहां पड़ा देख वह पहले स्तब्ध रह गया और फिर तुरंत ही ये... Continue Reading..
08 Dec 2017

सात बच्चों की मां ने बचा लिए इसके प्राण…

      
नहर के किनारे झाड़ी में पड़ी वह बच्ची रो रही थी, जब रामपुर निवासी ललिता देवी, पत्नी नगुना राम ने उसकी आवाज सुनी। वह उस वक्त धान ढोने जा रही थी। ललिता ने उसे वहां से उठा लिया और अपने घर ले आई। मामला पलामू के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के बलरा सुल्तानी गांव का है। इसी गांव के निकट से नहर बहती है, जिसके किनारे बच्ची फेंकी गई थी। स्थानीय रिपोर्टर के मुताबिक बच्ची कुछ दिनों की प्रतीत होती है। मालूम हो कि ललिता देवी के पहले से ही पांच बेटे और दो बेटियां हैं। अकसर ऐसा देखने में आया... Continue Reading..
08 Dec 2017

क्या इसके हत्यारों को यूं ही छोड़ दोगे हरियाणावालों…

      
उस नन्ही सी जान के लिए उनका इरादा बिल्कुल भी नेक नहीं था। इसलिए उसे ऊपर से ही फेंक दिया गया नीचे बहती नहर में, लेकिन वह नहर तक नहीं पहुंची और बीच झाड़ियों में ही अटक गई। पैदा हुए कुछ घंटे भी नहीं बीते होंगे उसे। ऊंचाई से फेंका गया था और फिर झाड़ियों ने लपक लिया। इतने पर भी नियति को उस पर रहम नहीं आया। लाल चींटियां उस पर टूट पड़ीं। घटना हरियाणा के पलवल शहर में 28 दिसंबर को घटी। उस बच्ची का जन्म संभवतः किसी अस्पताल में ही हुआ था। उसकी नाल काटकर कैप लगाई... Continue Reading..
05 Dec 2017

इन बच्चों का कोई नहीं, मगर क्यों…

      
हजारीबाग के नवाबगंज में मंगलवार की सुबह एक नवजात बच्ची परित्यक्त अवस्था में मिली। अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची को कुत्ते के मुंह में देखकर एक महिला सिहर गई, लेकिन तुरंत ही उन्होंने शोर मचा दिया, जिससे कुत्ता घबराकर उस बच्ची को एक अपार्टमेंट के पास छोड़कर भाग गया। बच्ची को उसने कहां से उठाया था, इसका पता फिलहाल नहीं चल पाया है। एसआई मुकेश कुमार के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है। मगर सदर थाने का इस बारे में कुछ और ही कहना है। टीम पा-लो ना ने जब थाने में फोन किया तो उन्होंने... Continue Reading..
05 Dec 2017

कड़ाके की ठंड, सुनसान रात और नहर का किनारा…

      
मंगलवार की रात माघर गांव में नहर के किनारे बसे एक घर में मध्य रात्रि किसी की नीद टूटी तो उसे एक छोटे बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी। यह नगीना महतो था। नगीना ने अपने अन्य परिजनों को उठाया और आवाज वाली दिशा में जाकर देखा। नहर किनारे एक नन्हा सा बच्चा कपड़ों में लिपटा ठंड और भूख के मारे कुनमुना रहा था। रो-रो कर उसका गला सूख चुका था। नगीना ने तुरंत बच्चे को वहां से उठाया और अपने घर ले आया। आस-पड़ोस में भी घटना की सूचना दे दी गई। मंगलवार को घटी इस घटना की... Continue Reading..
04 Dec 2017

खून में सना क्यों छोड़ दिया तुमने…

      
वह छोटी सी बच्ची एक पॉश इलाके में प्रभावशाली लोगों की रिहाईश के किनारे रास्ते में खून से लथपथ पड़ी थी। अपनी ही मां के खून से सनी। किसने और क्यों उसे वहां छोड़ा था, इसकी जानकारी नहीं है। उसे वहां जानबूझकर छोड़ा गया था या फिर किसी के आने की आहट से वहां छोड़ने को बाध्य होना पड़ा था, इसकी भी जानकारी पा-लो ना के पास नहीं है, मगर इंसानियत में विश्वास करते हुए हम ये उम्मीद करते हैं कि बच्ची को वहां छोड़ने वाले की मंशा बच्ची को नुकसान पहुंचाने की नहीं, वरन् उसे बचाने की थी। इसीलिए... Continue Reading..
30 Nov 2017

काश, ये शिक्षिका पहले ही वहां पहुंच जातीं…

      
वह सड़क के किनारे एक झाड़ी में रो रही थी, जब एक टीचर की नजर उस पर पड़ी। शिक्षिका ने उसे वहां से उठाया, उसे हॉस्पिटल भी लेकर गई, उसे मेडिकल स्टाफ के सुपुर्द किया और वहां से चली गई, मगर तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी। घटना गुमला के भरनो प्रखंड के दुडिया एवं दतिया गांव के बीच रास्ते की है। बृहस्पतिवार 30 नवंबर को एक पारा शिक्षक जब दुडिया-दतिया गांव के रास्ते से गुजर रही थीं, तो उन्होंने सड़क किनारे एक झाड़ी में से एक नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनी। जब उन्हें बच्चे के... Continue Reading..

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