30 Nov 2017
क्या कोई पिता ऐसा कह सकता है…
उसे लावारिस समझ कर दफना देना। कोई दिक्कत हो तो कहीं भी फेंक देना। हम उसे लेने नहीं आएंगे क्या कोई पिता ऐसा कह सकता है? मधेपुरा के एक पिता ने ये शब्द 30 नवंबर को सहरसा के एक अस्पताल के स्टाफ को कहे, जहां उनके नवजात शिशु का शव रखा था। फुलेंद्र यादव की पत्नी रेखा देवी ने 27 नवंबर को मधेपुरा के निजी क्लीनिक में एक बेटे के जन्म दिया। मगर जन्म के बाद मां और बच्चे दोनों की हालत खराब हो गई। तब उन दोनों को ही परिजन सहरसा के स्वराज हॉस्पिटल लेकर आए। रेखा देवी को... Continue Reading..
