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Home    Crimes Against Infants in India – Latest News & Child Protection

Latest News

30 Nov 2017

क्या कोई पिता ऐसा कह सकता है…

      
उसे लावारिस समझ कर दफना देना। कोई दिक्कत हो तो कहीं भी फेंक देना। हम उसे लेने नहीं आएंगे क्या कोई पिता ऐसा कह सकता है? मधेपुरा के एक पिता ने ये शब्द 30 नवंबर को सहरसा के एक अस्पताल के स्टाफ को कहे, जहां उनके नवजात शिशु का शव रखा था। फुलेंद्र यादव की पत्नी रेखा देवी ने 27 नवंबर को मधेपुरा के निजी क्लीनिक में एक बेटे के जन्म दिया। मगर जन्म के बाद मां और बच्चे दोनों की हालत खराब हो गई। तब उन दोनों को ही परिजन सहरसा के स्वराज हॉस्पिटल लेकर आए। रेखा देवी को... Continue Reading..
30 Nov 2017

क्या लड़की होने की सजा मिली तुम्हें…

      
सिरसा के गांव रंगड़ीखेड़ा के निकट से बहने वाली रंगड़ी माइनर की टेल पर एक नवजात बच्चे का शव तैरते हुए देखा तो आस-पास के ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए। उसे बाहर निकाला और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने उसे स्थानीय अस्पताल पहुंचाया और वहां से गुजरने वालों से पूछताछ भी की, मगर कुछ पता नहीं चला। घटना गुरूवार दोपहर डेढ़ बजे के आस-पास की है। कुछ लोगों ने जब एक बच्चे को पानी में देखा तो तुरंत ही ये बात करीबी गांव में तेजी से फैल गई और कई लोग वहां इकट्ठा हो गए। स्थानीय पुलिस और... Continue Reading..
25 Nov 2017

रौंदती रहीं गाड़ियां, खाते रहे कुत्ते

      
सड़क के बीचोंबीच मिला नवजात बच्ची का शव 25 नवंबर 2017, छपरा, बिहार। 25 NOV 17 CHHAPRA (F) (2) बिहार राज्य के छपरा जिले में शनिवार की सुबह बड़ी वीभत्स थी। वहां बीच सड़क में एक नवजात बच्ची का शव पड़ा था, जिस पर से गाड़ियां गुजर रहीं थी और कुत्ते उसे नोंच रहे थे। ये दृश्य वहां से गुजर रहे हर व्यक्ति ने देखा, मगर इसे रोकने की जहमत किसी ने नहीं की। भीड़ वहां खड़ी तमाशा देखती रही। एक राहगीर की नजर नौ-साढ़े नौ बजे के आस-पास उस पर पड़ी और उसने एक स्थानीय रिपोर्टर श्री धर्मेंद्र रस्तोगी... Continue Reading..
19 Nov 2017

ऑटो कबाड़ था, बच्ची नहीं, फिर उसे वहां क्यों फेंक दिया…

      
महाराष्ट्र में एक बच्ची को एक ऐसे ऑटो में छोड़ दिया गया, जो लगभग कबाड़ हो चुका था और कई महीनों से सड़क किनारे खड़ा था। किसी को भी उसमें किसी बच्चे के होने की दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं थी। बच्ची को वहां छोड़ने वाले बच्ची को भी शायद कबाड़ से अधिक कुछ नहीं समझते थे, मगर किसी के लिए उसकी जान बहुत कीमती थी। इसलिए भगवान ने एक ऐसे शख्स को वहां भेज दिया, जिसने उस बच्ची की जान बचा ली। यह घटना मुंबई शहर के कांजुर मार्ग इलाके में रविवार रात तकरीबन 10 बजे घटी। मुंबई के... Continue Reading..
18 Nov 2017

उन्हें पता था, मां गंगा पार लगा देंगी उनकी बचिया को…

      
भागलपुर के सुलतानगंज में एक नवजात बच्ची परित्यक्त अवस्था में मिली। उसे गंगा के घाट पर जिस तरह छोड़ा गया था, उससे यही लग रहा है कि छोड़ने वाली की मंशा उसे नुकसान पहुंचाने की नहीं थी, मगर बच्ची को संबंधित अधिकारी को सौंपने का विकल्प पता नहीं होने की वजह से उन्होंने उसे घाट किनारे छोड़ दिया। सुलतानगंज के गोपाल रोड विषहरी स्थान स्थित गंगा घाट पर रखी बच्ची पर सुबह करीब नौ बजे गांव की एक महिला उर्वशी देवी की नजर पड़ी। श्री आशीष मिश्रा की पत्नी उर्वशी देवी ने कपड़े में लिपटी एक दिन की उस अबोध... Continue Reading..
17 Nov 2017

बीमार बेटी को फेंका नहीं, वरन् सुरक्षित हाथों में सौंप दिया, ये आपने बहुत अच्छा किया ललिता जी…

      
ये मामला बिहार के सहरसा जिले के सलखुआ पंचायत का है। 17 नवंबर को एक 33-34 साल की महिला ललिता देवी लेबर पेन में सलखुआ पीएचसी पहुंची। वहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची और मां की क्रिटिकल हालत को देखते हुए उन दोनों को एंबुलेंस से सहरसा के सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। उसी दिन शाम करीब साढ़े छह-सात बजे के आस-पास एंबुलेंस उन्हें लेकर सदर अस्पताल पहुंची और बच्ची को आईसीयू में एडमिट कर दिया गया। अस्पताल स्टाफ के बहुत जोर देने के बाद भी ललिता देवी एडमिट होने को तैयार नहीं हुई और कुछ ही... Continue Reading..
16 Nov 2017

ये उसकी हत्या की साजिश थी…

      
जाको राखें साईंयां, मार सके न कोय जैसे चरितार्थ साबित हुआ है सारण जिले के एक गांव में, जहाँ जन्म लेते ही एक बच्ची को प्लास्टिक के बोरे में लपेट कर झाड़ी में फेंक दिया गया। इसके बावजूद नवजात बच्ची जिंदा मिली। मामला जलालपुर प्रखंड के कोपा थाना क्षेत्र के अनवल गांव का है। कुछ लोग सुबह जब शौच के लिए गंडक नहर के समीप गए तो वहां मुन्ना नामक शख्स ने बच्ची के रोने की आवाज सुनी। उन्होंने अन्य ग्रामीणों को बुलाया और आवाज की दिशा में बढ़े। वहां झाड़ी में प्लास्टिक का एक बोरा फेंका हुआ था। आवाज... Continue Reading..
16 Nov 2017

दुश्मन को हराने वाला अपनी ही सोच से हारा फूल सी बेटी को पानी में डुबोकर मार डाला…

      
सेना में जाने के लिए हिम्मत और हौंसले की जरूरत होती है। ये उम्मीद की जाती है कि इसी हिम्मत और हौंसले की बदौलत वह अपने दुश्मन के दांत खट्टे कर देगा। लेकिन अगर उसमें इतनी भी हिम्मत न हो कि वह अपनी गलत सोच को ही हरा सके, तो उसका अंजाम वही होता है, जो अशोक का हुआ, जो अपनी फूल सी बेटी को पानी के बालटी में तब तक डुबोता रहा, जब तक वह मर नहीं गई। इस कुकृत्य में उसका साथ दिया, उसके पिता शीशराम ज्याणी ने। मामला राजस्थान के चुरु जिले के तारानगर तहसील के गांव... Continue Reading..
13 Nov 2017

गटर से ज्यादा गंदे है इस बच्ची को वहां फेंकने वाले…

      
जावरा शहर के इकबालगंज की गली निवासी राकेश चावरे को शाम चार-साढ़े चार बजे के आस-पास किसी छोटे बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। वह अपने घर में ही थे। बाहर निकलकर उन्होंने इधर-उधर देखा, तो उन्हें कुछ नजर नहीं आया। पर आवाज लगातार आ रही थी। आवाज की दिशा पर ध्यान दिया तो उन्हें आवाज घर के पास मौजूद नाले में से आती महसूस हुई। वह बिना देरी किए नाले पर पहुंचे तो आवाज तेज हो गई। उन्हें नाले में एक पॉलीथिन नजर आया, जिसमें कुछ हरकत हो रही थी। उन्होंने तत्काल उसे नाले से बाहर निकाला और... Continue Reading..
09 Nov 2017

बच्चे सीधे गोद में पहुंचे तो क्या बुरा है…

      
वह तौलिए में लिपटी थी और उसके बराबर में दूध की एक बोतल भी रखी थी, दूध से भरी। लेकिन उसके आस-पास कोई नहीं था। वह एक यात्री शे़ड में छोड़ दी गई थी। नीरव अँधेरी रात की ठंड और डर भी उसे वहां छोड़ने वाले को रोकने में नाकामयाब रहे। इसका सबूत उसका वहां निपट अकेले पड़ा होना था। लेकिन उसे बचाने वाला ऊपर बैठा था, इसलिए एक गार्ड को उसका क्रंदन सुनाई दे गया और उसे बचा लिया गया। घटना धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर स्थित डीएवी अलकुसा (पुटकी) के मेन गेट के समीप बने यात्री शेड में घटी।... Continue Reading..
08 Nov 2017

छोड़ते क्यों हो, सौंप दिया करो…

      
सुबह सुबह के शांत वातावरण में एक खराब पड़ी कार में एक बच्ची के मिलने से हलचल मच गई. घटना झारखण्ड के जमशेदपुर की है. बुधवार को जमशेदपुर के एम.जी.एम. थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बालीगुमा नेहा अपार्टमेंट के समीप एक खराब पड़ी कार में 2 दिन की नवजात बच्ची मिली है. स्थानीय निवासियों को इस बात का पता तब चला, जब सुबह 6 बजे के आसपास उसके रोने की आवाज़ पास से गुज़र रहे लोगों के सुनाई दी. कार पर लगा कवर हटाकर उस मासूम को वहां रखा गया था. स्थानीय पत्रकार ने बताया कि कार कमला देवी... Continue Reading..
07 Nov 2017

सड़क किनारे बैग, और बैग में थी वो…

      
ओडिशा से शिशु परित्याग की एक खबर सामने आई है. यहाँ एक सड़क किनारे एक नवजात बच्ची मिली है। इस इलाके में जंगली जानवरों की भरमार है. अच्छी बात ये है कि जानवरो से पहले सह्रदय इंसान इस बच्ची तक पहुंच गए. मंगलवार को मयूरभंज के सूलीपदा पुलिस थाना क्षेत्र के बड़देउली नामक गांव में यह घटना घटी. सूचना अनुसार, बच्ची की आवाज सुनकर एक व्यक्ति घटनास्थल पर पहुंचा. बाद में उसने स्थानीय लोगों को इकठ्ठा कर लिया. ग्रामीणों ने बैग में बच्ची को पड़ा देख फ़ौरन सूलीपदा पुलिस थाने को सूचित किया. सूचना पाकर पुलिस टीम ने घटनास्थल पर... Continue Reading..

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