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Simdega bachche ke shav me se aa rahi thi durgandh khet me mila navjat shishu ka shav
Simdega: बच्चे के शव में से आ रही थी दुर्गंध

खेत में मिला नवजात शिशु का शव

पुलिस केस दर्ज करे: पालोना

19 DECEMBER 2022, MONDAY, SIMDEGA, JHARKHAND.

सिमडेगा शहर से 50 किलोमीटर दूर एक खेत में नवजात शिशु का शव मिला है। पुलिस ने बच्चे के शव को अपने कब्जे में ले लिया है।

Simdega bachche ke shav me se aa rahi thi durgandh khet me mila navjat shishu ka shav

क्या, कब, कहां हुआ

पालोना को इस घटना की सूचना सिमडेगा मीडिया के साथ ही श्री विकास साहू से मिली वहीं श्री राम पुरी ने घटना की डिटेल्स उपलब्ध करवाई।

 इसके मुताबिक, सोमवार देर शाम 07–7.30 बजे के आसपास एक खेत में नवजात शिशु का शव मिला। यह शव कोलेबिरा थाना क्षेत्र के लचरागढ़ गांव में मिला। 

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पुलिस पहुंची घटनास्थल

सूचना मिलने के बाद कोलेबिरा पुलिस घटनास्थल पहुंची और बच्चे के शव को अपनी सुपुर्दगी में लिया।

एक सवाल के जवाब में थाना प्रभारी कोलेबिरा रामेश्वर भगत ने पालोना को बताया कि देर शाम होने और अंधेरा घिर जाने की वजह से मामले की ज्यादा छानबीन नहीं हो सकी है। बच्चे के शव में से बहुत दुर्गंध आ रही थी। इसलिए किसी तरह उसे ले आए हैं, लेकिन ये नहीं मालूम है कि बच्चे का शव लड़के का है या लड़की का। इस पर मंगलवार को आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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श्रीराम पुरी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कोलेबिरा थाना क्षेत्र के लचडागढ़ में खेत में एक गत्ते के डिब्बे में बंद नवजात का शव होने की सूचना पुलिस को मिली। जिसके बाद कोलेबिरा पुलिस तुरंत घटनास्थल पंहुची। पुलिस, शव को कब्जे में लेकर अग्रतर कार्रवाई में जुट गई है।उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इसी क्षेत्र से गत्ते के डिब्बे में बंद नवजात का शव मिला था।

केस दर्ज होना चाहिए : पालोना 

पुलिस को इस मामले में प्रथम दृष्टया आईपीसी सेक्शन 318 के तहत मामला दर्ज करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज देना चाहिए।

यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि होती है कि बच्चे को जिंदा छोड़ा गया था और खेत में ही उसकी मृत्यु हुई है या उस पर कोई चोट या हत्या के सबूत मिलते हैं तो मामले में आईपीसी 315 और जेजेएक्ट सेक्शन 75 भी लगाना चाहिए।

इसके अलावा वहां घटनास्थल के आसपास जो भी साक्ष्य हो उन्हें इकट्ठा करना चाहिए, ताकि घटना की तह तक पहुंचा जा सके। 

यदि उस क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही है तो लोगों को अवेयर करने के लिए सेफ सरेंडर के साथ-साथ इन मामलों में होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में भी लोगों को बताना चाहिए। बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारियो को उस क्षेत्र में अवेयरनेस कैंपेन चलाने चाहिए।

 

Jharkhand, PaaLoNaa News

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