CHATRA: पुटुस की झाड़ी में अटकी मिली नवजात

chatra-putus ki jhadi me mili navjat newborn baby found dead in chatra

झारखंड के चतरा जिले में एक नवजात बच्ची का शव मिला है। पुटुस की झा़ड़ियों में मिली बच्ची के तन पर कपड़े का एक टुकड़ा भी नहीं था। उसकी गर्भनाल भी साथ लगी थी। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही आईपीसी 318 में केस दर्ज कर लिया है।

कब, कहां, कैसे मिली नवजात

पालोना के झारखंड ग्रुप में चतरा के वरिष्ठ पत्रकार (नाम नहीं बताना चाहते) ने इस घटना की सूचना शेयर की। उन्होंने न्यूजस्केल लाइव का एक लिंक वहां शेयर किया। इसके मुताबिक, चतरा के असढीया गांव के मांडर टांड के समीप झाड़ी से एक नवजात बच्ची का शव पुलिस ने मंगलवार को बरामद किया। पुलिस ने सीडब्लूसी चतरा के अध्यक्ष श्री धनंजय तिवारी को इसकी सूचना दी। 

इसके बाद सीडब्लूसी अध्यक्ष, सब इंस्पेक्टर मनोज पाल और पुलिस को सूचना देने वाले श्री सिकंदर ठाकुर से भी पालोना ने बात की।

डर से पुलिस को फोन नहीं कर रहे थे लोग

हम सीसीएल की गाड़ी चलाते हैं। सुबह 10 बजे के आसपास उस रास्ते से गुजरे तो देखा कुछ लोग खड़े हैं वहां। हमारे एक परिचित ने हमें घटना के बारे में बताया। हमने उन्हें पुलिस को सूचना देने को कहा तो कोई भी तैयार नहीं हुआ। वे डर रहे थे कि पुलिस उन्हें पकड़ लेगी। तब हमने 100 नंबर डायल किया। कुछ ही देर में पुलिस वहां आई और बच्ची के शव को ले गई।- श्री सिकंदर ठाकुर

हमें करीब 12 बजे के आसपास बच्ची की सूचना मिली थी। सिकंदर नामक शख्स ने डायल 100 पर सूचना दी थी। घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां लोगों की भीड़ जमा थी। बच्ची का शव पुटुस की झाड़ी में अटका हुआ था। उसका मुंह नीचे की ओर था। शरीर पर गर्भनाल भी लगी हुई थी। ऐसा लगता है कि कहीं और से लाकर शव को वहां डाला गया है। हमने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हॉस्पिटल से बताया गया कि यहां बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम नहीं होता है। इसलिए उसे यहां से हजारीबाग रेफर किया गया है। साथ ही इसमें आईपीसी 318 के तहत एफआईआर भी दर्ज कर ली है।- सब इंस्पेक्टर मनोज पाल

हमें सदर थाने के सब इंस्पेक्टर मनोज पाल ने फोन पर घटना की जानकारी दी थी। हमने उन्हें शव का पोस्टमॉर्टम करवाने और केस को आईपीसी 318 में दर्ज करने का निर्देश दिया है। – श्री धनंजय तिवारी, सीडब्लूसी अध्यक्ष, चतरा।

बच्ची के शव को देखने से ऐसा लगता है, मानो ये INDIRECT PARENTAL INFANTICIDE का मामला हो। बच्ची के शरीर पर कोई कपड़ा नहीं होना, खून व गर्भनाल लगा होना इसकी गवाही देते हैं। मालूम होता है कि जन्म लेने के तत्काल बाद उसे लाकर यहां डाला गया है। इसके अलावा, कुछ दूरी से उसे उछाला गया प्रतीत होता है। जैसे कोई हड़बड़ी में आकर वहां बच्ची को डाल गया हो। उसका मुंह नीचे की ओर है। 

हम धन्यवाद करते हैं सिकंदर ठाकुर और सब इंस्पेक्टर मनोज पाल का भी, जिन्होंने सही समय पर सही फैसले लिए। साथ ही सीडब्लूसी अध्यक्ष धनंजय तिवारी जी का भी, जिन्होंने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। 

श्री तिवारी पिछले कई सालों से पालोना के व्हॉट्सग्रुप से जुड़े हुए हैं। जब भी कोई नवजात शिशु कहीं मिलता है तो वह उस के लिए पहल करते हैं। इन घटनाओं में पहली बार 2019 में झारखंड के चतरा में ही उपयुक्त सेक्शन में  एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके लिए श्री तिवारी ने विशेष प्रयास किए थे। वह मीडिया से भी जुड़े रहे हैं। 

शिशु हत्या को रोकने के लिए किए जा रहे उनके प्रयासों के लिए साल 2022 में उन्हें पालोना के संवेदना आभार समारोह में स्पंदन अवॉर्ड से अलंकृत भी किया गया था।

श्रीमती मोनिका आर्य, संस्थापक, PAALONAA

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आगरा: अस्पताल में छोड़ा नवजात को

ये सुरक्षित परित्याग है, पर बच्चे का सौदा अपराध है- पालोना

SS Team

आगरा में एक युवती डिलीवरी के बाद अपने नवजात को अस्पताल में छोड़ कर चली गई। उसके जाने के बाद कुछ लोग अस्पताल पहुंचे और बच्चे को अपना बताने लगे। बच्चे के सौदे की जानकारी मिलते ही पुलिस भी वहां पहुँच गई। पूरे अस्पताल को सील कर दिया गया। फिलहाल नवजात बालक का स्वास्थ्य ठीक है।

कब, कहाँ, कैसे

पालोना को इस घटना की जानकारी गुगल सर्फिंग के दौरान मिली। ये घटना 7 नवंबर 2023 की सुबह की है। सोमवार 6 नवंबर की रात 11 बजे एक गर्भवती युवती, एक युवक और नर्स के साथ आगरा के रामकृष्ण अस्पताल में भर्ती हुई। चार-पांच घंटे के प्रसव के बाद सुबह 4 बजे युवती ने एक बालक को जन्म दिया। फिर बच्चे का स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उसको एएस अस्पताल में भर्ती किया गया, जहाँ पर वो युवती अपना बच्चा छोड़ कर चली गई। ये युवती मथुरा की निवासी थी।

रामकृष्ण अस्पताल में बच्चे का जन्म होने के बाद ही कुछ लोग पहुंचे और उसको अपना बताने लगे। बच्चे के सौदे की खबर मिलते ही वहां पुलिस और बाल कल्याण समिति की एक टीम पहुँच गई।

अस्पताल के कर्मचारियों से पता चला कि युवक युवती का पहचान पत्र जमा किया गया था। जो नर्स उनके साथ आई थी, वो खुद को युवती की भाभी बता रही थी।

नवजात बालक को आईसीयू में रखा गया है और माँ की खोजबीन की जा रही है।

क्या कहती है स्थानीय पुलिस

स्थानीय पुलिस का कहना है कि इस मामले की जानकारी बाल कल्याण समिति को दे दी गई है। हालाँकि बच्चे को अभी पुलिस की अभिरक्षा में रखा गया है। प्रभारी निरीक्षक मानव तस्करी निरोधक थाना, इकबाल हैदर का कहना है कि जो महिला अपने को युवती की भाभी बता रही थी,  वो यमुना पार एक अस्पताल में नर्स है।

उस नर्स का कहना है कि वो पहले एक पार्लर में काम करती थी, तब ये युवती उसके पार्लर में आती थी। अभी आठ दिन पहले इस युवती ने नर्स से फेसबुक के जरिये संपर्क किया था और उसे अपनी समस्या बताई थी। वो नर्स बच्चे को गोद लेने को इच्छुक थी। उसने युवती को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था।

फिलहाल पहचान पत्र के जरिये पुलिस बच्चे की माँ की खोजबीन में लगी है।

क्या लिखता है स्थानीय मीडिया

स्थानीय मीडिया का कहना है कि नर्स और डॉक्टर एक दूसरे पर दोषारोपण में लगे हुए हैं। जहाँ नर्स रेनू का कहना है कि डॉ अभिषेक चौहान उस पर बच्चे के सौदे का दबाव बना रहे थे।

वहीँ डॉ  चौहान का कहना है कि नर्स ये सारी बातें अस्पताल को बदनाम करने के लिए कह रही है। डॉ चौहान का ये भी कहना है कि जब तक बच्चा उनके अस्पताल में था, एकदम स्वस्थ था। उसे स्वस्थ हालत में अस्पताल से छोड़ा गया था। दूसरे अस्पताल में उसे क्यों भर्ती कराया गया, उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब पुलिस अस्पताल पहुंची, वहां डॉ अभिषेक चौहान मौजूद नहीं थे। वो खाना खाने अपने घर गए हुए थे।

आगरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि इस मामले की ठीक से जाँच पड़ताल होगी।

पालोना की अपील

1.पालोना का मानना है कि बच्चे को अस्पताल में छोड़ना एक सही कदम है।  ये सुरक्षित श्रेणी का परित्याग है, पर बच्चे के सौदे को स्वीकारा नहीं किया जा सकता। क्योंकि बच्चे की खरीद बिक्री कानूनन जुर्म है।

2.बच्चे का सौदा करना बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है, क्योंकि इस तरह से बच्चे को लेने वाले की नीयत ख़राब भी सकती है

3.इसलिए जो माता पिता अपने बच्चे का परित्याग करना चाहते हैं, उन्हें अपने बच्चे को बाल कल्याण समिति को सौंपना चाहिए।

4.बाल कल्याण समिति की सहायता से बच्चा लीगल एडॉप्शन पूल में आता है।

5.यहां से cara के जरिए नवजात को  सुरक्षित रूप से किसी अच्छे घर में गोद दिया जा सकता है। वहां सभी कार्यवाही कानूनी तरीके से संपन्न की जाती हैं।

6.कारा की टीम गोद लेने वाले परिवार की पहले पूरी जांच करती है और जब तक वो परिवार सारे मापदंड पर सही नहीं उतरता, बच्चे को नहीं सौंपती।

चतरा: तालाब में मिला नवजात शिशु का शव

सख्त कानून और अवेयरनेस से ही होगा देश में बदलाव- पालोना

SS Team

झारखण्ड के चतरा जिले के इटखोरी में एक नवजात का शव मिला है। ये शव एक तालाब में मिला। ख़बर मिलते ही पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

कब, कहाँ, कैसे

ये घटना चतरा जिले के इटखोरी स्थित ग्राम परसौनी की है। गुरूवार, 16 नवंबर 2023 की शाम 5 बजे इटखोरी थाने में सूचना मिली कि एक नवजात शिशु का शव टाली तालाब में तैरता हुआ दिखा।

सूचना मिलते ही चौकीदार विक्रम पासवान घटनास्थल पर पहुंचे। वहां पहले से ही काफी भीड़ जमा हो गई थी। बच्चे का शव तालाब के किनारे थेथर पौधे के पास पानी में पड़ा हुआ था। बच्चे की गर्भनाल भी बच्चे से जुड़ी हुई थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चे की उम्र एक दिन की लग रही है। घटनास्थल पर जमा लोगों में से कोई भी उस बच्चे को पहचान नहीं सका।

इस घटना की जानकारी पालोना को चतरा बाल कल्याण समिति के श्री धनंजय तिवारी से मिली।  इटखोरी थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर श्री विनोद कुमार और केस आईओ सब इंस्पेक्टर बंटी यादव ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए पालोना की फाउंडर मोनिका आर्य से बात की। श्रीमती आर्य ने इस मामले में लगने वाले आईपीसी और जेजे एक्ट सेक्शन के साथ ही DNA सैंपलिंग पर भी जोर दिया।

क्या कहती है स्थानीय पुलिस

इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत ही घटनास्थल पर पहुंची और बच्चे के शव को तालाब से निकाला। थाना इंचार्ज विनोद कुमार का कहना है कि बच्चे के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। उसके दोनों हाथ फैले हुए थे और दोनों पैर मुड़े हुए थे। वहां पहुंचे लोगों से पूछताछ के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला और न ही बच्चे के माता पिता के बारे में कोई जानकारी प्राप्त हुई है। फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

इस मामले में आईपीसी की धारा 318 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

पालोना की सिफारिश

  • 1.बच्चे को तालाब में डालना एक निंदनीय और दंडनीय अपराध है।
  • 2.पालोना की सरकार से सिफारिश है कि नवजात शिशुओं के इस तरह से किए जाने वाले परित्याग को रोकने के लिए अवेयरनेस के साथ साथ सरकार को कानून कड़े बनाने पर भी जोर देना होगा।
  • 3.इसकी शुरुआत सुरक्षित और असुरक्षित परित्याग के अंतर को समझा कर की जा सकती है।
  • 4.लोगों को ये बताना जरूरी है कि वो बच्चे का परित्याग सुरक्षित तौर पर भी कर सकते हैं।
  • 5.परित्याग करने के लिए बच्चे की जान को खतरे में डालना या उसकी हत्या करना  जरूरी नहीं है।
  • 6.ये भी समझना आवश्यक है कि सुरक्षित परित्याग भी गोपनीय रूप से संपन्न किया जा सकता है।
  • 7.बाल कल्याण समिति ऐसे मामलों को गोपनीयता और सुरक्षित तौर पर संपन्न करने में समर्थ है।
  • 8.कोई भी अपना बच्चा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध पालनों में या कम से कम अस्पताल के बिस्तर पर छोड़ सकता है।
  • 9.एक सही कदम बच्चे को सुरक्षित गोद में  पहुंचा सकता है।

नीलगिरी: स्थानीय निवासियों ने बचाई नवजात की जान

असुरक्षित परित्याग करने वालों को सजा ही है एकमात्र उपाय – पालोना 

Shinescript Team

उड़ीसा के बालासोर जिले के नीलगिरी नोटिफाइड एरिया कौंसिल से एक चिंतनीय घटना सामने आई है। एक नवजात बच्ची पॉलिथीन में लिपटी हुई एक सुनसान इलाके में पाई गई। बच्ची को तुरंत ही पास के अस्पताल में भेजा गया और प्राथमिक उपचार दिलवाया गया।

कब कहाँ कैसे 

ये घटना बालासोर जिले के स्वर्णचुड़ तलहटी की है। रविवार, 05 नवंबर 2023 की सुबह स्थानीय निवासियों को स्वर्णचुड़ तलहटी के एक सुनसान इलाके में बच्ची के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ी। पास जा कर देखने पर पता चला कि एक नवजात बच्ची पॉलिथीन में लिपटी हुई ऐसे ही रखी हुई है। उन्होंने तुरंत ही बच्ची को उठाया। मौके पर स्थानीय एमपी के ख़ास सहायक भी मौजूद थे। उन्होंने तुरंत ही नीलगिरी पुलिस थाने में सूचना दी। 

बच्ची को बिना विलम्ब किये नीलगिरी स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया। पर बच्ची की स्थिति खराब होती देख कर उसे बालासोर के जिला अस्पताल में आगे के उपचार के लिए भेजा गया। बच्ची की स्थिति अब ठीक बताई जा रही है। उसका वजन करीब 2 किलोग्राम और 640 ग्राम बताया जा रहा है।

ये जानकारी पालोना को WAIC की को–फाउंडर मीरा मारती जी से मिली। 

क्या कहती है स्थानीय पुलिस 

पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों ने बच्ची के माता-पिता की पहचान कर ली। बच्ची की मां का नाम दमयंती और पिता का नाम रमेश नाइक है और वो कलाकड़ ग्राम के निवासी हैं। जब लोगों ने बच्ची के माता-पिता से इस घटना के बारे में पूछा तो उन्होंने माफ़ी मांगते हुए बोला कि उनसे बहुत बड़ी गलती हो गई है। इस घटना में अभी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। 

क्या लिखता है स्थानीय मीडिया 

मीडिया का कहना है कि फिलहाल इस मामले में माता पिता के खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। पर पुलिस जब बच्ची के घर पहुंची तो उन्होंने पाया कि बच्ची के माता-पिता किराये का अपना घर बंद करके वहां से फरार हो गए हैं।

पालोना की अपील 

  • ये असुरक्षित परित्याग है, जो कि बच्ची के लिए घातक साबित हो सकता था। 
  • बच्ची को ऐसे खुले स्थान पर छोड़ने से उसको कोई जानवर उठा कर ले जा सकता था या ठण्ड लगने के कारण बच्ची का स्वास्थ्य खराब हो सकता था। 
  • ऐसे अभिभावकों के खिलाफ तुरंत ही रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए और सख्त कदम उठाने चाहिए। 
  • लोगों को सुरक्षित समर्पण और असुरक्षित परित्याग का भेद समझाना चाहिए। 
  • ये भी आवश्यक है कि लोगों को पता चले कि यदि उन्हें अपना बच्चा किसी कारणवश छोड़ना है तो उसे कैसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जा सकता है। 
  • सुरक्षित समर्पण को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर कई जगह पालनों (क्रेडल) की सरकार ने व्यवस्था की हुई है। 
  • लोग अपना बच्चा सुरक्षित तौर पर बाल कल्याण समिति के माध्यम से सरकार को सौंप सकते हैं।
  • कुछ विशेष जानकारी न होने पर वे उस मासूम को छोड़ने के लिए कम से कम अस्पताल के बिस्तर को तो चुन ही सकते हैं।

पुणे: जमीन में आधा दबा हुआ मिला नवजात शिशु

इलाज मिलने से पहले ही हो गई नवजात की मौत

ये रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी का अपराध है – पालोना 

11 October 2023, Pune, Maharashtra 

Shinescript / Srishti

हाल ही में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक नवजात शिशु पुणे के वाघोली इलाके में जमीन में आधा दबा हुआ मिला। आसपास के लोगों ने पुलिस को तुरंत ही जानकारी दी। पर प्राथमिक उपचार मिलने से पहले ही बच्चे की मृत्यु हो गई।

कब, कहाँ, कैसे 

11 अक्टूबर 2023 को पुणे के वाघोली इलाके में एक नवजात शिशु के जमीन में आधा दबे होने की घटना सामने आई। स्थानीय लोगों ने एक नवजात शिशु को देखा, जो जमीन में आधा दफन था।  उन्होंने तुरंत ही पास के लोनीखंड पुलिस थाने में सूचना दी। खबर मिलते ही पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची। 

बच्चे को तुरंत ही जमीन से निकाला गया और निकटवर्ती अस्पताल ले जाया गया। नवजात की हालत नाजुक थी। कोई भी उपचार मिलने से पहले ही बच्चे ने दम तोड़ दिया।

क्या कहती है स्थानीय पुलिस  

ये मामला लोनीखंड पुलिस थाना क्षेत्र का है। इस मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर प्रियंका पवार कर रहीं हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 

क्या कहता है स्थानीय मीडिया 

स्थानीय मीडिया का कहना है कि इस मार्मिक घटना ने सभी को हिला के रख दिया है। इस मामले को सामने लाने में वहां के स्थानीय निवासियों का बहुत बड़ा योगदान है। घटना का पता चलते ही लोगों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया और पुलिस की कार्यवाही में पूरा सहयोग दिया।

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पालोना की सिफारिश 

  • ये अमानवीय कृत्य ही नहीं, बल्कि एक संगीन जुर्म भी है। 
  • ऐसे अपराधियों के लिए कानून को सख्त बनाने पर सरकार को विचार करना चाहिए।
  • ये रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी का अपराध है। इसलिए सजा भी उसी अनुरूप होनी चाहिए।
  • जनता को सेफ सरेंडर के बारे में जागरूक करने के लिए भी सरकार को कैंपेन लॉन्च करने चाहिए। 
  • लोगों को ये पता होना अति आवश्यक है कि यदि वो अपना बच्चा छोड़ना चाहते हैं तो उसके लिए उनके पास सेफ सरेंडर का विकल्प है। 
  • बाल कल्याण समिति (CWC) से संपर्क कर के वे अपने बच्चे को उन्हें सुरक्षित सौंप सकते हैं। 
  • बाल कल्याण समिति बच्चे को सौंपने वाले माता-पिता की गोपनीयता बना के रखती है।
  • इसके अलावा, बच्चे के परिजन उसे सार्वजनिक जगहों पर उपलब्ध पालने में भी सुरक्षित छोड़ सकते हैं। 

नूंह: कचरे के ढेर में मिली नवजात बच्ची

पास के ग्रामीणों ने बचाई बिटिया की जान

सरकार की एक पहल बचा सकती है ऐसे मासूमों की जानपालोना

01 November 2023, Mewat, Haryana

Shinescript Team

हरियाणा के नूंह जिले से एक संगीन मामला सामने आया है। वहां कुछ ग्रामीणों को एक बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। ध्यान देने पर पता चला कि कचरे के ढेर से आवाज़ आ रही थी। कचरे में देखने पर एक नवजात बच्ची कपड़े में लिपटी हुई पाई गई। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची का स्वास्थ्य ठीक बताया जा रहा।

कब, कहाँ, कैसे

नूंह जिले के गोधौला गांव के इस मामले की जानकारी पालोना को रेवाड़ी मीडिया के साथी श्री सुनील कुमार से मिली।

ये घटना गत बुधवार 01 नवंबर 2023 की दोपहर करीब 12 बजे की है।  गांव के कुछ बच्चों की खेलते हुए कचरे के ढेर पर जब नजर पड़ी तो उन्हें ये छोटी सी बिटिया दिखाई दी। ये बच्ची एक कपड़े में लिपटी हुई थी।

 उन्होंने तुरंत ही गांव के बाकी लोगों को खबर दी। सूचना मिलते ही वहां काफी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बच्ची को कचरे से उठाया और पुलिस को इस मामले की सूचना दी।

नूंह कचरे के ढेर में मिली नवजात बच्ची

Pc- Jagran

क्या कहती है स्थानीय पुलिस

खबर मिलते ही पुन्हाना थाना प्रभारी अरविन्द कुमार और उनके साथी घटनास्थल पर पहुंचे।  ग्रामीणों ने बच्ची को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उसे तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए पुन्हाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। जांच से पता चला कि बच्ची का जन्म एक-दो दिन पहले ही हुआ होगा। चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्ची को एकदम स्वस्थ बताया और उसका वजन पूरा बताया। प्राथमिक उपचार के बाद इस नवजात बच्ची को नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा भेज दिया गया।

क्या कहता है स्थानीय मीडिया

नवजात बच्ची की खबर मिलते ही गांव में काफी भीड़ जमा हो गई। बहुत से लोगों ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई। हालाँकि पुलिस ने इंकार कर दिया और लोगों को बताया कि इस मामले में  कानूनी कार्यवाही होगी। बच्ची को गोद लेने के लिए कारा से संपर्क करना होगा। लीगल एडॉप्शन का वही सबसे सही तरीका है।

पालोना की अपील

  • बच्ची को ऐसे कचरे के ढेर में फेंकना अमानवीय है।
  • कचरे के ढेर में होने के कारण बच्ची को कई इन्फेक्शन हो सकते हैं और लावारिस जानवरों के हमले का भी खतरा है।
  • ये एक असुरक्षित परित्याग है और ये समझना अति आवश्यक है।
  • सरकार को ऐसे जुर्म के खिलाफ नए और सख्त कानून बना कर एक नई पहल करनी चाहिए।
  • लोगों में असुरक्षित और सुरक्षित परित्याग की समझ बढ़ानी जरूरी है।
  • कोई अगर किसी कारणवश अपना बच्चा पालने में असमर्थ है तो उसे अपने बच्चे को बाल कल्याण समिति को सौंप देना चाहिए।
  • सुरक्षित समर्पण की प्रक्रिया गोपनीय तरीके से संपन्न की जाती है।
  • इससे बच्चा से चुपचाप सुरक्षित स्थान पर पहुँच जाता है।
  • इच्छुक लोग अपने शिशु को सार्वजनिक  जगह पर मौजूद पालनों में या अस्पताल के बिस्तर पर भी रख सकते हैं। 

पुणे: पुलिस ने बचाई नवजात बच्ची की जान

बच्ची को अकेला देख हैरान हुए बोगी में बैठे लोग

सरकार कब ध्यान देगी इन बच्चों पर – पालोना

31 October 2023, Pune, Maharashtra

Shinescript Team

31 अक्टूबर को हडपसर पुलिस स्टेशन की दामिनी मार्शल और तुकाई मार्शल को ससाने नगर में आपातकालीन कॉल के माध्यम से एक सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर दामिनी मार्शल को पता चला कि चार दिन की एक नवजात बच्ची को कोई अज्ञात व्यक्ति गली नंबर 13 में छोड़ गया था। बच्ची को तुरंत पास के अस्पताल में भेजा गया और प्राथमिक उपचार दिया गया।

कब, कहाँ, कैसे

इस घटना की सूचना पालोना को WAIC की मीरा मारती जी से मिली। इसके अनुसार, 31 अक्टूबर को शाम लगभग 05.30 बजे हडपसर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवींद्र शेलके के मार्गदर्शन में दामिनी मार्शल घटना स्थल पर पहुंचे। उनके साथ महिला पुलिस अधिकारी वैशाली उदमाले, राजश्री जाधव, मंजूषा डेंगले, उषा सोनकांबले और तुकई दर्शन मार्शल पवार और बजरंग धायगुडे भी थे। वहां पहुँचने पर उन्होंने पाया कि बच्ची उस स्थान पर रो रही थी और उसके पास बिल्ली थी। बच्ची के चेहरे पर बिल्ली के खरोंचने के निशान दिखाई दिए।

पुलिस टीम नवजात बच्ची को तत्काल सासाने नगर में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन सनाप के पास ले गई और उसे प्राथमिक उपचार दिलाया। वहीं, इसकी सूचना बाल कल्याण समिति को दी गयी।

नवजात बच्ची को बाल कल्याण समिति क्रमांक 1 को सौंप दिया गया। बाल कल्याण समिति ने उसकी देखभाल और सुरक्षा के लिए यरवदा स्थित भारतीय समाजसेवा केंद्र कोरेगांव पार्क को आदेश दिया।

Pc- Pune News

स्थानीय पुलिस के मुताबिक

पुलिस कांस्टेबल पवार ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बच्चे को छोड़ने की शिकायत दर्ज कराई है I भारतीय दंड संहिता की धारा 317 के तहत मामला दर्ज किया गया है

क्या कहता है स्थानीय मीडिया

स्थानीय मीडिया के अनुसार, ये बच्ची जब मिली थी तो उसकी स्थिति अच्छी नहीं थी। इसीलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत ही बच्ची को बाल चिकित्सक डॉ सचिन सनाप के पास जांच के लिए भेजा। बच्ची को छोड़ते हुए एक अज्ञात व्यक्ति दिखा था, जिसकी खोज में पुणे पुलिस लग गई है।

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पालोना की सिफारिश

  • बच्ची को ऐसे सड़क पर छोड़ना उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
  • बच्ची के पास बिल्ली का मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि अगर पुलिस समय से नहीं पहुँचती तो बच्ची को बहुत क्षति हो सकती थी।
  • यह असुरक्षित परित्याग है, इसे रोकने के लिए सरकार को सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है।
  • सरकार को जन जागरूकता करना जरूरी है। अगर किसी को अपना बच्चा छोड़ना है तो ऐसे असुरक्षित छोड़ने की जगह सुरक्षित किसी पालने में या अस्पताल के बिस्तर पर भी रख  सकते हैं।
  • इसके अलावा, सुरक्षित समर्पण (Safe Surrender) के लिए बाल कल्याण समिति को भी संपर्क किया जा सकता है।
  • बाल कल्याण समिति पूरी प्रक्रिया गोपनीय रखते हुए बच्चे को अपनी कास्टडी ले लेती है। ये कानूनन भी सही है।

Raxaul: ट्रेन की बोगी में छोड़ी नवजात बिटिया

बच्ची को अकेला देख हैरान हुए बोगी में बैठे लोग

सेफ सरेंडर पर जनता को जागरूक करे सरकारपालोना

30 October 2023, Raxaul, Bihar

Shinescript Team

ट्रेन में एक नवजात बच्ची को छोड़ने की घटना सामने आई है। इस बिटिया को किसी महिला ने एक बोगी में छोड़ा और वहां से रवाना हो गई। ये बच्ची एक पतले से कपड़े में लिपटी हुई थी। बोगी में बैठे लोगों ने तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दी। बच्ची को रेलवे और बाल संरक्षण के अधिकारियों को सौंप दिया गया। बच्ची स्वस्थ बताई जा रही है।

कब, कहाँ, कैसे

ये घटना 30 अक्टूबर 2023 की सुबह 11 बजे रक्सौल स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 2 की है I ट्रेन संख्या 05213 से रेल पुलिस ने एक नवजात बच्ची को बरामद किया। बोगी में बैठे यात्रियों ने बताया कि एक महिला इस बिटिया के साथ आई और उसको सीट पर छोड़ कर वहां से चली गई। शुरू में लोगों को लगा कि वो महिला कुछ सामान लेने गई है और थोड़ी देर में आ जायेगी। पर जब बहुत देर होने पर भी वो वापस नहीं आई तो उन्होंने रेल पुलिस को सूचित किया।

बच्ची मिलने पर पुलिस ने आसपास बैठे लोगों से पूछताछ की पर किसी ने भी उसे अपना नहीं बताया। चिकित्सकों ने जांच कर बच्ची को स्वस्थ बताया। अभी बच्ची की देखभाल मोतिहारी बाल संरक्षण कर रहा है।

पालोना को इस घटना की सूचना रांची की पत्रकार श्रीमती चेतना झा से मिली।

Pc- Jagran

क्या कहती है स्थानीय पुलिस

घटना की जानकारी देते हुए आरपीएफ अधिकारी श्री ऋतुराज कश्यप ने बताया कि सुबह 11 बजे रक्सौल स्टेशन से मोतिहारी जाने वाली ट्रेन की बोगी में एक  नवजात बच्ची मिली। बच्ची के मिलते ही उन्होंने पास में बैठे सभी यात्रियों से पूछताछ की, पर कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई।

बच्ची को स्थानीय अस्पताल में जांच के लिए भेजा गया। जांच के पश्चात चिकित्सकों ने बच्ची का स्वास्थ्य अच्छा बताया। उसे आगे की देखभाल के लिए मोतिहारी बाल संरक्षण केंद्र भेज दिया है। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और बच्ची की माँ की खोजबीन जारी है।

क्या कहता है स्थानीय मीडिया

स्थानीय मीडिया के अनुसार, बोगी में बैठे लोगों ने काफी देर तक उस महिला का इंतज़ार किया, जो बच्ची को सीट पर रखकर गई थी। फिर उन्होंने प्लेटफार्म पर ड्यूटी कर रहे हेड कांस्टेबल राजेश काजी व रेल चाइल्ड लाइन की चांदनी कुमारी को आवाज लगाई, जो वहीं ट्रेन की गतिविधियों का रूटीन चेकअप कर रहे थे।

जांच के बाद बच्ची को बाल संरक्षण केंद्र के सुपुर्द कर दिया गया है।

पालोना की सिफारिश

  • पालोना  का मानना है कि महिला ने अपनी बच्ची को सुरक्षित स्थान जैसे कि ट्रेन की बोगी में लोगों के बीच छोड़ा। इसलिए ये एक सुरक्षित परित्याग है।
  • हालाँकि इस मामले की गहराई से जांच आवश्यक है, जिससे ये पता चल सके कि छोड़ने वाली का बच्ची से कोई रिश्ता है भी या नहीं।
  •  आसपास की मिसिंग रिपोर्ट भी पुलिस को देख लेनी चाहिए।
  • पालोना की सरकार से अपील है कि वो लोगों में सुरक्षित और असुरक्षित परित्याग का भेद स्पष्ट कराये।
  • जनता को ये भी पता होना चाहिए कि अगर अपना बच्चा किसी कारणवश छोड़ना चाहते हैं तो  कैसे वो सुरक्षित और गोपनीय रूप से छोड़ सकते हैं।
  • सुरक्षित समर्पण के लिए लोग अपने बच्चे को जगह जगह उपलब्ध पालनों में या अस्पताल के बिस्तर पर या बाल संरक्षण केंद्र को संपर्क कर के त्याग सकते हैं।
  • सुरक्षित समर्पण उनके बच्चे को स्वस्थ रूप से किसी जरूरतमंद परिवार के पास कानूनी तौर से पहुंचा सकता है।

Bikaner: नानी के जुल्म का हुई शिकार एक नन्ही सी जान 

चार घंटे पहले जन्मी थी नतनी, नहर में डालते नहीं कांपे नानी के हाथ

Direct Infanticide की ये घटना चौंका देने वाली है – पालोना

19 October 2023, Bikaner, Rajasthan.

Shinescript / Srishti

बीकानेर में एक नहर से नवजात बच्ची का शव मिला। इस बच्ची के हाथ पर एक tag लगा था, जो किसी अस्पताल का था। इसी टैग के सहारे पुलिस बच्ची के हत्यारोपियों तक पहुंच गई। और फिर जो हकीकत सामने आई, वह दहला देने वाली थी।

कब, कहां, कैसे

19 अक्टूबर 2023 को बीकानेर के जामसर इलाके में एक नवजात बच्ची का शव बरामद हुआ था। यह शव कंवरसेन लिफ्ट से 20 किलोमीटर दूर 13 आरडी नहर में मिला था। जांच में सामने आया कि बच्ची की हत्या उसके जन्म के चार घंटे के अंदर ही कर दी गई थी। इस घटना की जानकारी पालोना को दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार श्री दिवाकर वत्स जी से मिली।

बीकानेर नानी के जुल्म का हुई शिकार एक नन्ही सी जान
Pc-  Money Bhaskar

टैग ने खोला हत्या का राज

खारी निवासी पद्मा ने 15 अक्टूबर 2023 की सुबह करीब 08 बजे इस बच्ची को पीबीएम अस्पताल में जन्म दिया था। 19 अक्टूबर की सुबह बच्ची का शव  04 दिन तक पानी में रहने की वजह से बच्ची का शरीर फूल गया था। वह मिट्टी और काई से सना था। 

बच्ची के हाथ पर अस्पताल का टैग लगा था। यही टैग पुलिस को उसके परिवार वालों तक ले गया। उन्होंने अपराधियों को तुरंत ही गिरफ्तार कर लिया। बच्ची की हत्या का आरोप उसकी नानी और उनके दो रिश्तेदारों पर लगा है। नानी ने अपना अपराध कबूल भी कर लिया है।

20 अक्टूबर को पुलिस ने प्रसूता की मां खारी निवासी राधा देवी, प्रसूता के चाचा काशीराम और राधा के समधी श्रीडूंगरगढ़ के बिग्गा निवासी सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।

नानी के जुल्म का हुई शिकार एक नन्ही सी जान
Pc-  Money Bhaskar

क्या कहती है स्थानीय पुलिस 

जामनगर थाने के एसएचओ इंद्र कुमार के अनुसार, थानाक्षेत्र में रहने वाली पद्मा का विवाह खाजूवाला निवासी राहुल संग हुआ था, पर गौना नहीं हुआ था। इसी वजह से उसकी माँ राधा देवी ने लोकलाज के कारण अपनी दोहिती (नतनी) को जन्म के बाद नहर में डाल दिया। यही नहीं, उसने अपनी बेटी पद्मा को बताया कि बच्ची मरी हुई पैदा हुई थी।

इस मामले में पुलिस ने आईपीसी धारा 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।

क्या लिखता है स्थानीय मीडिया 

19 अक्टूबर की इस घटना ने सबको चौंका दिया है। प्रसूता की माँ राधा देवी ने पुलिस को बयान दिया कि बच्ची का जन्म होते ही उसकी माँ पद्मा को बेहोशी की हालत में घर छोड़ दिया और नतनी को अपने दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर नहर में डाल दिया।

पुलिस के पूछने पर कि बच्ची नहर में डालते वक़्त जिन्दा थी या नहीं, तो राधा ने बोला कि उसने ध्यान नहीं दिया।  

जल्दबाजी में आरोपी बच्ची के हाथ से अस्पताल का टैग हटाना भूल गए। उसी वजह से स्थानीय पुलिस बच्ची के परिवार वालों तक पहुंची और आरोपियों से सख्ती से पूछने पर सब बात निकलवा ली। 

बच्ची को नहर में बहता देख कर गांव वालों ने तुरंत ही पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मीडिया को जानकारी दी कि बच्ची के शरीर पर कोई घाव नहीं था। 04 दिन से नहर में होने के कारण शरीर पर काई और मिट्टी लगी हुई थी।

पालोना की सिफारिश 

  • पालोना का मानना है कि इस मामले में न सिर्फ धारा 302, बल्कि आईपीसी की धारा 315 और जेजे एक्ट का सेक्शन 75 भी लगना चाहिए। 
  • ये Direct Infanticide का केस  है। इसकी सजा कड़ी होनी चाहिए। 
  • यदि कोई लोकलाज या किसी भी कारण से  बच्चे को पालने में असमर्थ है तो अपने जिले की बाल कल्याण समिति से संपर्क कर के अपने बच्चे को गोपनीय तरीके से सरकार के सुपुर्द कर देना चाहिए। किसी भी बच्चे की हत्या करना एक गंभीर अपराध है।
  • सरकार को लोगों में सेफ सरेंडर पॉलिसी और सार्वजनिक पालनों के बारे में जन जागरूकता अभियान चलाने चाहिए। लोगों को बताना चाहिए कि जगह जगह पर पालनों को इसी वजह से रखा गया है, जिसमें वो अपना बच्चा छोड़ सकते हैं।
  • अगर आपको सीडब्ल्यूसी या पालने के बारे में जानकारी नहीं है तो किसी अस्पताल के बेड पर भी बच्चे को छोड़ा जा सकता है। इससे बच्चा सुरक्षित भी रहेगा और स्वस्थ भी।

पानीपत: सनातन धर्म मंदिर में मिली नवजात बच्ची

हनुमान जी के चरणों में माता की चुनरी ओढ़े मिली दो दिन की बिटिया

ये सुरक्षित परित्याग है, सुरक्षित और असुरक्षित हो कानून में परिभाषित – पालोना

19 October 2023, Panipat, Haryana

Shinescript / Srishti

पानीपत, हरयाणा से सनातन धर्म मंदिर से एक नवजात बच्ची के मिलने का मामला सामने आया है। दो दिन पहले ही जन्मी ये बच्ची के माथे पर सिन्दूर का तिलक लगा था और माता की चुनरी ओढ़ाई हुई थी। छानबीन करने पर पता चला कि एक महिला ई-रिक्शा से आई थी और इस छोटी सी बालिका को हनुमान जी के चरणों में छोड़ कर चली गई। स्थानीय महिला ने बच्ची के रोने की आवाज़ सुन कर उसे उठाया और मंदिर प्रधान को सूचना दी।

कब कहाँ कैसे

प्राप्त जानकारी के हिसाब से 19 अक्टूबर 2023 की रात पानीपत शहर के मॉडल टाउन इलाके के सनातन धर्म मंदिर में एक नवजात बच्ची हनुमान जी के मंदिर से मिली। इस बच्ची को गर्म कपड़े पहनाये हुए थे और माथे पर सिन्दूर का लाल टीका और माता की लाल चुनरी रखी हुई थी। पूजन करने आई एक स्थानीय महिला ज्योत्स्ना को बच्ची के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ी। देखने पर ये छोटी सी बिटिया दिखाई दी तो उसने तुरंत ही मंदिर के प्रधान तरुण गाँधी को सूचना दी। सूचना मिलते ही मंदिर प्रधान वहां पहुंचे और बच्ची दूध पिलाया। मामले की सूचना मंदिर प्रधान ने तुरंत ही पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही मॉडल टाउन थाना क्षेत्र की पुलिस मंदिर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। 

इस घटना की जानकारी पालोना को रेवाड़ी मीडिया के विनीत राज जी से मिली है।

सीसीटीवी फुटेज में मिली ई-रिक्शा की तस्वीर

मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस छानबीन में लग गई और आसपास के कई सी सी टीवी सीसीटीवी खंगाले गए। मंदिर के सीसीटीवी से मिली ई-रिक्शा की फुटेज जिसमे एक अज्ञात महिला बच्ची को गोदी में ली हुई दिखी। फुटेज के अनुसार महिला मंदिर में अंदर जाते तो दिखी पर बाहर आते नहीं दिखी। पुलिस ई-रिक्शा और उस महिला की खोजबीन में लग गई है।

क्या कहती है स्थानीय पुलिस

इस मामले की जानकारी देते हुए स्थानीय पुलिस ने बताया कि इस घटना की जानकारी उन्हें मंदिर प्रधान से मिली। मंदिर प्रधान उस समय मंदिर में हो रही राम लीला में सेवा में लगे थे। पुलिस ने बच्ची को सिविल अस्पताल में भर्ती किया है और बच्ची की स्थिति अच्छी बताई जा रही। इस घटना की सूचना बाल कल्याण समिति को भी दे दी गई है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

क्या कहता है स्थानीय मीडिया

मीडिया का कहना है की पानीपत में एक महीने में ये दूसरी ऐसी घटना सामने आई है। कुछ दिन पहले ही अस्पताल के बाथरूम में एक महिला अपने नवजात शिशु को छोड़ गई थी। अभी उसकी छानबीन चल ही रही थी तब तक ये दूसरी घटना का पता चला है। मंदिर में पाई गई ये बच्ची  2 किलो 100 ग्राम की बताई जा रही है और स्वस्थ है। इसकी सूचना चाइल्ड प्रोटेक्शन अधिकारी को दे दी गई है। इस मामले में पुलिस धारा 317 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

पालोना की अपील

  • पालोना का मानना है कि ये सुरक्षित समर्पण है और छोड़ने वाले की मंशा बच्ची को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने की थी।
  • पालोना की अपील सरकार से है कि सुरक्षित और असुरक्षित समर्पण के बीच विभाजनकारी रेखा खींचे।
  • मौजूदा कानून के हिसाब से ये आईपीसी 317 के तहत अपराध है, जबकि ऐसा एसा होना नहीं चाहिए।
  • इस मामले की गहराई से छानबीन जरूरी है जिससे ये पता चल जाये कि कहीं ये बच्ची परिवार को परेशान करने के लिए तो नहीं गायब की गई है। पुलिस को बच्ची के की मिसिंग रिपोर्ट की भी छानबीन करनी चाहिए।
  • सुरक्षित समर्पण के बारे में सरकार को जन जागरूकता बढ़ानी चाहिए और सुरक्षित समर्पण के लिए लोग बाल कल्याण समिति को संपर्क कर सकते हैं और गोपनीय रूप से अपना बच्चा सरकार को सौंप सकते हैं।
  • लोगों को बताना चाहिए कि यदि वो अपना बच्चा किसी सुरक्षित स्थान जैसे पालने या अस्पताल के बेड पर छोड़ेंगे तो उनका बच्चा सुरक्षित भी रहेगा और स्वस्थ भी।

ये भी देखें –

https://www.youtube.com/watch?v=Igpxco7sBns