पालोना की नई पहलः साझा संकल्प, साझी सुरक्षा

शिशु हत्या और असुरक्षित परित्याग पर ग्राम पंचायतों को जागरुक करने के उद्देश्य से साझा संकल्प-साझी सुरक्षा प्रोजेक्ट की पहली कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका आयोजन मंगलवार, 05 मार्च 2024 को झारखँड के रांची जिले में स्थित नामकुम ब्लॉक के लाल खटंगा ग्राम पंचायत भवन में किया गया। 

पालोना और ऊर्जा एरोहैड ने मिलकर इस कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में नामकुम ब्लॉक की करीब 15 पंचायतों के मुखियाओं ने भाग लिया। 

कार्यशाला को बतौर वक्ता पालोना की संस्थापक मोनिका आर्य और ऊर्जा एरोहेड की निदेशिका ऋचा चौधरी के अलावा, सीडब्लूसी रांंची अरुणा सिन्हा, सीडब्लूसी रामगढ़ एडवोकेट आरती वर्मा और आशीष कुजारा मेमोरियल ट्रस्ट की सचिव संगीता कुजारा टाक ने संबोधित किया। वहीं, लाल खटंगा पंचायत की मुखिया पुष्पा तिर्की, लाली पंचायत की जीरेन टोपनो, आरा की नीता कच्छप, डुंगरी से जीतू कच्छप, टाटी ईस्ट से कृष्णा पाहन, माहिलोंग से संदीप तिर्की, मास्टर ट्रेनर प्रमोद ठाकुर आदि ने आयोजन में भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन ऊर्जा एरोहेड की निदेशिका ऋचा चौधरी ने किया।

इस कार्यक्रम के आयोजन में लाल खटंगा पंचायत के पूर्व मुखिया श्री रीतेश कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही प्रोजेश दास, राखी, संजय मिश्रा ने भी इसे सफल बनाने में उपयोगी भूमिका निभाई।

Jharkhand Police Training Session Organized (19th)

ब्यूरो ऑफ़ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D) के तहत Ranchi में आयोजित किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम

ब्यूरो ऑफ़ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट दिल्ली ने झारखण्ड पुलिस के प्रशिक्षण के लिए पांच दिवसीय कार्यक्रम रांची में आयोजित कियाI इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य उदेश्य महिलाओं की सुरक्षा हैI

पालोना ने शिशुहत्या पर प्रशिक्षण प्रदान किया

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन 13 अक्टूबर 2023 को शिशु हत्या और असुरक्षित परित्याग पर रौशनी डालीI पालोना की संस्थापक श्रीमती मोनिका गुंजन आर्य भी इस कार्यकम में सम्मिलित हुई और पुलिस विभाग को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कीI

श्रीमती आर्य ने भारत में शिशुहत्या और परित्यक्त नवजात शिशुओं के संबंध में अपने केस अध्ययन, सलाह और अनुभवों को पुलिस ऑफिसर्स के साथ साझा किया।

सत्र में झारखंड राज्य के कई जिलों के निरीक्षकों और उप-निरीक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में ट्रेनिंग प्रोग्राम के इंचार्ज इंस्पेक्टर असित कुमार मोदी   ने श्रीमती आर्य को स्मृति चिन्ह दे कर स्वागत कियाI

प्रक्षिक्षण कार्यकम का नेतृत्व एस पी धनंजय ने किया

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन इंस्पेक्टर्स ट्रेनिंग स्कूल, होटवार, रांची में एसपी धनंजय कुमार सिंह के नेतृत्व में हुआI कार्यक्रम की सफलता का श्रेय मुख्य रूप से डीएसपी अमिता लकड़ा, इंस्पेक्टर असित कुआं मोदी, इंस्पेक्टर दयानन्द आजाद और सब इंस्पेक्टर पवन को जाता हैI

प्रशिक्षण में साहिबगंज, सिमडेगा, रांची, पाकुड़, पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह, कोडरमा, पलामू, बोकारो, जमशेदपुर, दुमका, गोड्डा, खूंटी, चतरा, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गुमला, जामताड़ा, रामगढ़, धनबाद, हज़ारीबाग़, लोहरदगा, लातेहार जिलों से पुलिस अधिकारी सम्मिलित हुएI

 दीपमाला कुमारी, रूपा पॉल, रोज़लिना हंसदा, प्रेमचंद भगत, धनञ्जय कुमार सिंह, विमलेश कुमार, पंचम तिग्गा, सुरेंद्र उरांव, गर्दी बन्ना, जेगो उरांव,  दिलीप पॉल, कपिल राम, विवेक  प्रशांत, कन्हैया कुमार यादव, रुक्मिणी कुमारी, रंजन कुमार सिंह, तरुण कुमार, सुमिता सिंह, सुहागिनी सोरेन, मान बहादुर, नूतन जेसिंता, कुमारी सोलोमीना एक्का, किरण, गरंड मुर्मू, मनीषा कुमारी, शोभा टप्पा इत्यादि इस कार्यकम में शामिल हुएI

प्रशिक्षण का मुख्य उदेश्य बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा

ब्यूरो ऑफ़ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट दिल्ली के तत्वावधान में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किया जाता है। महिलाओं की सुरक्षा ही इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य हैI इसी को केंद्र में रखते हुए पुलिस अधिकारियों को नियमित अंतराल पर विशेषज्ञों द्वारा शिशु हत्या, भ्रूण हत्या, फॉरेंसिक कानून, बलात्कार, बाल यौन शोषण, मौजूदा कानून में नवीन बदलाव, बयान कलमबद्ध, सबूत इकट्ठे करना, डीएनए प्रोफाइलिंग, महिलाओं के विरुद्ध साइबर अपराध, पोर्नोग्राफी, अपहरण, दहेज़ आदि के विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता हैI

Jharkhand Police Training Session Organized (18th)

BPR&D के तत्वावधान में ITS HOTWAR में चल रहा है कार्यक्रम

Bureau of Police Research & Development दिल्ली के तत्वावधान में झारखंड पुलिस के अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। नियमित अंतराल पर आयोजित होेने वाले इस ट्रेनिंग कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा है।

शिशु हत्या पर पालोना की तरफ से दी गई ट्रेनिंग

30 मई 2023 से 03 जून 2023 तक चलने वाले इस कार्यक्रम के पहले दिन शिशु हत्या और असुरक्षित परित्याग पर भी ट्रेनिंग दी गई। पालोना की तरफ से संस्थापक श्रीमती मोनिका गुंजन आर्य ने पुलिस अधिकारियों से अपनी जानकारी साझा की। इससे पहले सब इंस्पेक्टर दिवाकर तिवारी ने स्मृति चिह्न देकर श्रीमती आर्य का स्वागत किया।

एसपी धनन्जय के नेतृत्व में चल रही है ट्रेनिंग

इंस्पेक्टर्स ट्रेनिंग स्कूल, होटवार, रांची में यह कार्यक्रम एसपी धनन्जय कुमार सिंह के नेतृत्व  में आयोजित किया जा रहा है। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम को सफल बनाने में इंस्पेक्टर डी.एन. आजाद, इंस्पेक्टर रघुनाथ किस्को, सब इंस्पेक्टर दिवाकर तिवारी, सब इंस्पेक्टर पवन कुमार, सब इंस्पेक्टर विजय कुमार, सब इंस्पेक्टर श्यामल किस्को आदि का योगदान रहा। 

ट्रेनिंग में रांची, दुमका, कोडरमा, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, गढ़वा, पलाम, पाकुड़, खूंटी, गुमला, ईस्ट एंड वैस्ट सिंहभूम,साहिबगंज, हजारीबाग, सरायकेला-खरसांवा, गोड्डा आदि जिलों से इंस्पेक्टर्स और सब इंस्पेक्टर्स ने भाग लिया। इनमें खुशबू वर्मा, चांदनी कुमारी, मुकेश कुशवाहा,संतोष यादव, राजा दिलावर, वीना कुमारी, अनिल कुमार रजक आदि शामिल हुए।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर केंद्रित है ट्रेनिंग

मालूम हो कि BPR&D दिल्ली के तत्वावधान में झारखंड पुलिस के अधिकारियों के लिए नियमित अंतराल पर यह ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा है। 

इसी को ध्यान में रखते हुए समय समय पर विषेषज्ञों के द्वारा पुलिस अधिकारियों को फोरेंसिक लॉ (FORENSIC), भ्रूण हत्या, बलात्कार (RAPE), बाल यौन शोषण (POCSO), मौजूदा कानूनों में नवीन बदलाव (AMENDMENTS IN LAW), बयान कलमबद्ध (STATEMENT RECORDING), सबूत इकट्ठे करना (EVIDENCE COLLECTION), DNA PROFILING, CYBER CRIME AGAINST WOMEN, PORNOGRAPHY, KIDNAPPING AND ABDUCTION, DOWRY आदि विषयों पर ट्रेनिंग दी जाती है।

Jharkhand Police Training Session on Infanticide (12)

20 December 2021, ITS, Hotwar, Ranchi, Jharkhand

Mrs. Monika Gunjan Arya, The Founder of PaaLoNaa shared her knowledge and research with investigating officers of the Jharkhand Police. The training was organized by Jharkhand Police under the Bureau of Police Research and Development (BPR&D) Program.
The session took place on Monday, 20 December 2021 in ITS, Hotwar, Ranchi, Jharkhand.

Jharkhand Police Training Session on Infanticide (11)

06 December 2021, ITS Hotwar, Ranchi, Jharkhand

झारखंड सम्भवतः वो पहला राज्य है, जिसने अपने पुलिस अधिकारियों के ट्रेनिंग कार्यक्रम में #शिशु_हत्या (Infanticide) व शिशु परित्याग (Abandonment of newborns) जैसे खामोश, लेकिन जघन्य अपराध को शामिल किया है।
इसका श्रेय जाता है एडीजी श्री अनिल पालटा व तत्कालीन एसपी रूरल रांची, श्री अजित पीटर डुंगडुंग को, जिन्होंने इसकी गम्भीरता को समझा और इस दिशा में पहल की।
इसी का ही नतीजा है कि सोमवार 06 दिसम्बर 2021 को पालोना की तरफ से श्रीमती मोनिका गुंजन आर्य ने झारखंड के पुलिस अधिकारियों को शिशु हत्या पर 11वीं बार ट्रेनिंग दी।
ये ट्रेनिंग डीएसपी श्री विकास चन्द्र श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व में आयोजित की गई। डीएसपी श्रीवास्तव स्वयं जनहित के मुद्दों पर बहुत सक्रिय हैं और उनका डीएसपी की पाठशाला नामक यूट्यूब चैनल भी है।

Jharkhand Police Training Session on Infanticide (10)

BPR&D organized a training workshop on women safety at ITS Hotwar, Ranchi.

During this Training Program, Monika Gunjan Arya also took one session on Infanticide and Abandonment of Infants on 18th March 2020.This was the 10th time, when Training was given to Jharkhand Police on Infanticide and Abandonment-Exposure of Infants. Different aspects of this heinous crime, Scenario in Jharkhand and Role of Police were discussed in the workshop. Police officers from different districts attended the training session.

BPR&D organised a workshp on women safety at ITS, Hotwar


पालोना झारखंड पुलिस व उन सभी महिला पुलिस अधिकारियों को सेल्यूट करता है, जिन्होंने शिशु हत्या के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए मोर्चा संभालना शुरू कर दिया है। ऐसा करके झारखंड अपने पड़ोसी राज्यों बिहार, उड़ीसा और उत्तरप्रदेश से आगे निकल गया है। बीपीआरएंडडी यानी ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट, नई दिल्ली के तत्वावधान में महिलाओं की सुरक्षा विषय पर अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय, होटवार, रांची में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 02 मार्च से 06 मार्च तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखँड राज्य की सहायक अवर निरीक्षक से पुलिस निरीक्षक स्तर तक की पदाधिकारियों को महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम के दौरान पालोना अभियान की फाउंडर व पत्रकार मोनिका आर्य ने शिशु हत्या और उनके असुरक्षित परित्याग के विभिन्न पक्षों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई राज्यों में शिशु हत्या के मामले दर्ज ही नहीं हो रहे हैं। ऐसे राज्यों में बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे प्रदेश शामिल हैं। केस दर्ज नहीं होने के प्रमुख कारणों में उन्होंने इस मुद्दे व कानूनी प्रावधानों के प्रति जानकारी का अभाव, रिसोर्सेज की कमी, काम का अतिरिक्त बोझ और कार्य में शिथिलता व संवेदनाओं की कमी को माना। उन्होंने बताया कि झारखँड में भी पहले यही स्थिति थी, लेकिन पुलिस अधिकारियों को दी जा रही ट्रेनिंग के बहुत सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और इनका वास्तविक लाभ आने वाले समय में नजर आएगा। उन्होंने कहा कि जानकारी का अभाव दूर करने के लिए ही पालोना अभियान के तहत शिशु हत्या के मुद्दे पर उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। रिसोर्सेज की कमी को कैसे दूर किया जाए, इस पर मंथन जारी है और संवेदनाएं पुलिस अधिकारियों को स्वयं पैदा करनी होंगी। और यह कार्य उन्हें करना ही होगा, क्योंकि न्याय के लिए इन बच्चों की आखिरी उम्मीद पुलिस ही हैं। आर्य ने इन मामलों में लगने वाले आईपीसी के विभिन्न सेक्शन्स की जानकारी दी और जेजेएक्ट द्वारा उत्पन्न कन्फ्यूजन को भी दूर किया। उन्होंने विभिन्न केस स्टडीज पर चर्चा की और इन मामलों की जांच के दौरान ध्यान रखने वाली बातों की भी जानकारी दी-

1. उसे तुरंत इलाज मुहैया करवाएं।

2. उसके मैडिकल इन्वेस्टिगेशंस के लिए डॉक्टर को कहें।

3. पुलिस अधिकारी अपने स्तर पर किसी भी बच्चे को गोद न दें।

4. किसी पर भी मिथ्या दोषारोपण न करते हुए अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करें।

5. सूचना देने वाले को परेशान न करें, बल्कि उसे केवल इन्फॉर्मेशन तक ही सीमित रखा जाए।

6. कंप्लेन पुलिस विभाग के चौकीदार या अन्य किसी के द्वारा दर्ज करवाई जाए।

आर्य ने यह भी कहा कि घटना के समय कोई कन्फ्यूजन होने पर या किसी और जानकारी के लिए पुलिस अधिकारी कभी भी उनसे संपर्क कर सकते हैं। इस अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए वह हमेशा उपलब्ध हैं। ट्रेनिंग के दौरान पुलिस अधिकारियों ने कई सवाल जवाब किए, कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

ट्रेनिंग प्रोग्राम में पुष्पलता, मोनिका टुडू, शर्मिला हांसदा, उषा कुमारी, निशा कुमारी, रायमुनी टुडू, मंगरी देवी, अनिता वाड़ा,कविता मंडल, सरिता मुर्मू आदि पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया, वहीं इसे सफल बनाने में डीएसपी श्री संतोष कुमार व इंस्पेक्टर श्री बी.डी. पासवान का सराहनीय योगदान रहा। पालोना टीम से श्री प्रोजेश दास भी इस मौके पर उपस्थित थे।

PaaLoNaa Poster Campaign with the help of Mr. Ajay Pather and others

पालोना आभार व्यक्त करता है #देवघर की संस्था रिक्रिएशन का, जिन्होंने देवघर जिले में शिशु परित्याग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए रविवार को #पालोना_पोस्टर_कैंपेन चलाया। इसके तहत सार्जेंट मेयर सी.सी.आर डॉक्टर एस.के. रंजन के नेतृत्व में देवघर सदर अस्पताल, सुधा हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, मेधा सेवा सदन में पालोना के पोस्टर चिपका कर लोगों के बीच जागरूकता लाने की शुरुआत की गई। मेजर डॉ रंजन ने सभी अस्पताल संचालक को बताया कि अगर अस्पतालों में बच्चों से संबंधित किसी भी प्रकार के केस आये या ऐसा प्रतीत हो कि वह बच्चा परित्याग की स्थिति में जा सकता हैं तो पोस्टर में दिए गए पालोना एवं चाइल्डलाइन के नंबर पर अविलंब इसकी सूचना दे। रि-क्रिऐशन संस्था के श्री अजय पाठक ने बताया की पालोना बिहार, झारखंड और उड़ीसा में कैंपेन चलाकर लोगों को जागरुक कर रही है। #देवघर में अप्रैल 2018 से जनवरी 2020 तक शिशु परित्याग से संबंधित कुल 12 घटनाएं प्रकाश में आयी हैं, जिसके चलते समाज का स्तर नीचे जा रहा है। साथ ही इससे देवघर जैसे तीर्थ स्थल की गरिमा भी धूमिल हो रही है।अतः इसके प्रति समाज को जागरूक होना साथ ही सभी अस्पताल प्रबंधन को इस मामले में संवेदनशील होना अति आवश्यक है। इस अभियान में बाल कल्याण समिति की अर्पणा मिश्रा, ज़िला बाल संरक्षण इकाई से मंजू कुमारी, रि-क्रिऐशन संस्था से ब्रज किशोर मिश्रा, गणेश ठाकुर, एवं विशेष किशोर पुलिस इकाई की टीम भी शामिल थे

विशेष आभार:

अर्पणा मिश्रा – सदस्या CWC, मंजू कुमारी – पूर्व सदस्या DCPU, मधु कच्छप – SJPO, डॉ एस. के.रंजन – सार्जेंट मेजर – CCR, ब्रज किशोर मिश्रा – कार्यकर्ता (रि-क्रिऐशन), गणेश ठाकुर – कार्यकर्ता (रि क्रिऐशन)

Poster Launch on Issue of “Abandonment & Infanticide” Program at Press Club

Ashrayani foundation trust in the series of events in raising awareness against Abandonment and Infanticide had organised a poster launch program on 24th October, 2019. The poster launch of Hindi version was done by Union Tribal Affairs Minister Mr. Arjun Munda at his Ranchi residence, whereas the English version was launched by Mr. Anil Palta (ADGP, Training) at Press Club Ranchi. Mr. Arjun Munda showed keen interest in the issue and has assured the members of the trust that he would raise the issue with Union Minister Smt. Smriti Irani, who has been keenly working on women and child issues for past several years. In the beginning of the program, the youngest member of PaaLoNaa, Late Sumaiya Nausheen was paid homage by the guest of honour Shree Anil Palta (ADGP, Training). Later the founder chairperson Mrs. Monika Gunjan Arya gave a briefing on infanticide and abandonment to the guests. Clippings of such heinous and inhumane crime were displayed on the large screen for everyone to see the merciless state of such infants. Every prest guest was moved by the aspects of the issue and had vowed to take necessary action within the ambit of their department or scope of their reach in the society.

PaaLoNaa organises training camp on infanticide for the 8th time!

Following the directions of National Women Commission, New Delhi, 03 days (22-24 October) capacity building program was organised for women police officers of Jharkhand at Investigators Training School, Hotwar Ranchi, Monika Gunjan Arya, Founder of PaaLoNaa addressed the Trainees on Crime Scene Investigation related with the crime of Infanticide and Abandonment of Infants on the first day of Training.. Mr. Projesh Das, founder member of Paalonaa was also present at the moment. Paalonaa is thankful to DSP Sh. Santosh Kumar and Ins B.D. Paswan for their understanding and cooperation.